रामनगर में 13 वर्षीय छात्र की संदिग्ध मौत से सनसनी, फिरौती के लिए व्हाट्सऐप कॉल का भी दावा
स्कूल से लापता हुआ था छठी कक्षा का छात्र शिब्बू, पांच दिन बाद गन्ने के खेत में मिला शव; पुलिस जांच पर उठ रहे सवाल
विजय कुमार शर्मा बगहा पश्चिम चंपारण, बिहार
रामनगर थाना क्षेत्र में 13 वर्षीय छात्र शिब्बू की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। मेघवल गांव निवासी शिब्बू ग्राम पंचायत मठिया स्थित सरकारी विद्यालय में छठी कक्षा का छात्र था। परिजनों के अनुसार, वह 12 अक्टूबर को दोपहर करीब 3 बजे विद्यालय से अचानक लापता हो गया था। परिजनों का आरोप है कि अगले दिन व्हाट्सऐप कॉल के माध्यम से फिरौती की मांग की गई। कथित तौर पर भुगतान के लिए एक स्कैनर भी भेजा गया और मामले की तस्दीक के लिए कुछ राशि भेजकर भी देखी गई। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई और लिखित आवेदन दिया गया। 14 अक्टूबर को रामनगर थाने में कांड संख्या 665/26 के तहत मामला दर्ज किए जाने की जानकारी दी गई है।
19 अक्टूबर को गन्ने के खेत में मिला शव
लापता छात्र की तलाश के बीच 19 अक्टूबर को गांव से करीब छह किलोमीटर दूर एक गन्ने के खेत में उसका शव मिला। परिजनों ने कपड़ों और चप्पलों के आधार पर उसकी पहचान की। परिजनों के मुताबिक, शव अत्यंत क्षत-विक्षत अवस्था में था और धड़ अलग था। शव की वास्तविक स्थिति और मौत के कारणों की पुष्टि पोस्टमार्टम तथा फॉरेंसिक जांच से ही हो सकेगी।
पुलिस की जांच पर परिजनों ने उठाए सवाल
परिजनों का आरोप है कि प्राथमिकी दर्ज होने के बावजूद शुरुआती पांच दिनों में जांच अपेक्षित गंभीरता से नहीं की गई। उनका कहना है कि विद्यालय की उपस्थिति, संदिग्ध व्यक्तियों से पूछताछ और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं पर कार्रवाई को लेकर सवाल हैं। घटना की परिस्थितियों को देखते हुए परिजनों ने आशंका जताई है कि छात्र के साथ गंभीर अपराध किया गया हो सकता है। हालांकि, शरीर के अंगों से छेड़छाड़, किसी रासायनिक पदार्थ के इस्तेमाल या किसी संगठित गिरोह की संलिप्तता की अभी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। इन आशंकाओं की पुष्टि वैज्ञानिक जांच के बाद ही संभव है।
अब उठ रहे हैं कई गंभीर सवाल
🔹 छात्र विद्यालय से किन परिस्थितियों में लापता हुआ?
🔹 फिरौती के लिए कथित व्हाट्सऐप कॉल किसने किया और डिजिटल साक्ष्य क्या बताते हैं? 🔹 शव की हालत ऐसी कैसे हुई और मौत का वास्तविक कारण क्या है?
🔹 क्या विद्यालय की उपस्थिति, सीसीटीवी फुटेज, कॉल डिटेल और संदिग्धों की भूमिका की गहन जांच हुई?
परिजनों की मांग है कि मामले की निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच कर दोषियों की पहचान की जाए और उन्हें कड़ी सजा दिलाई जाए। साथ ही, पुलिस प्रशासन मामले के सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच करे, ताकि एक बच्चे की संदिग्ध मौत का सच सामने आ सके।
VYN TIME की अपील: संवेदनशील मामले में किसी भी अपुष्ट दावे या अफवाह को तथ्य मानकर साझा न करें। जांच के निष्कर्ष और आधिकारिक जानकारी सामने आने का इंतजार करें।
