जल, जीवन, जमीन, संस्कृति, भाषा और सामाजिक सामाजिक एकता पर गोंड समुदाय के लोगों ने बल
विजय कुमार शर्मा बगहा पश्चिम चंपारण, बिहार
बगहा में विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर रविवार को नगर के लवकुश मैरेज हॉल में भव्य समारोह का आयोजन गोंड समुदाय के लोगों द्वारा किया गया। जिस कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि रहे ध्रुप कुशवाहा ने समाज का ध्वजा फहराकर किया । इस अवसर पर उपस्थित सैकड़ो की संख्या में दूर दराज से पहुंचे लोगों ने जल, जीवन, जमीन, संस्कृति, भाषा और सामाजिक एकता की रक्षा का संकल्प लिया।

बतादें की यह कार्यक्रम हर वर्ष 9 अगस्त को विश्व आदिवासी दिवस के रूप में मनाकर समाज अपनी परंपराओं, संस्कृति और अधिकारों के प्रति जागरूकता फैलाता है। जिनकी मांगे है कि समाज के लोगों के लिए सरकार विभिन्न योजनाएं चला रही है, लेकिन इसके बावजूद समाज को कई स्तरों पर अपेक्षाओं का सामना भी करना पड़ जाता है। जहां वक्ताओं ने यह भी उल्लेख किया कि बिहार में गोंड जाति की संख्या 5 लाख से अधिक होने के बावजूद आज तक इस समाज का कोई विधायक नहीं बन पाया है, जो चिंतन का विषय है।

समाज के लोगों ने इस दिशा में एकजुट होकर आवाज उठाने की आवश्यकता पर बल दिया है। जिसको लेकर इस अवसर पर सैकड़ों की संख्या में गोंड समुदाय के महिला-पुरुषों एवं कई समाजसेवियों की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम को और भी भव्य बना दिया। कार्यक्रम के दौरान सभी आगंतुक अतिथियों को अंगवस्त्र एवं पुष्प गुच्छ देकर सम्मानित किया गया।

समारोह में सुरेंद्र गोंड, संतोष गोंड, दिलीप कुमार राणा (प्रदेश महासचिव, राजद एवं प्रदेश अध्यक्ष, अखिल भारतीय गोंड महासभा), हरेन्द्र गोंड, संजय गोंड, हृदयानंद गोंड, भोला गोंड, लालबाबू गोंड एवं तरुण गोंड सहित कई प्रमुख लोग उपस्थित रहे।






