वाल्मीकिनगर में 160वीं नारायणी गंडकी महाआरती का आयोजन, विश्व शांति की कामना के साथ जली आस्था की ज्योति

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शरद पूर्णिमा पर बेलवा घाट परिसर में उमड़े श्रद्धालु, प्रतिभाशाली व्यक्तित्वों को अंगवस्त्र देकर किया गया सम्मानित

नन्दलाल पटेल वाल्मिकीनगर / विजय कुमार शर्मा बगहा पश्चिम चंपारण

वाल्मीकिनगर। भारत-नेपाल सीमा पर स्थित बेलवा घाट परिसर में शरद पूर्णिमा के पावन अवसर पर 160वीं नारायणी गंडकी महाआरती का भव्य आयोजन किया गया। अंतर्राष्ट्रीय न्यास स्वरांजलि सेवा संस्थान की ओर से आयोजित इस धार्मिक एवं आध्यात्मिक कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। महाआरती के दौरान कथा, पूजा और हवन के माध्यम से विश्व शांति की कामना की गई। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि थरुहट की नायिका कविता थारू, विशिष्ट अतिथि सुमन सिंह, संस्था की राष्ट्रीय अध्यक्षा अंजू देवी, मैनेजिंग डायरेक्टर संगीत आनंद, थरुहट के निर्माता एचेल थारू, धर्मनाथ काजी, सतेंद्र सिंह, नमामि गंगे के मुकेश कुमार, चंद्रदेव ठाकुर, भरत कुमार राणा, दीप नारायण कुशवाहा, दिल कुमारी देवी एवं अविनाश चौधरी ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। मुख्य अतिथि कविता थारू ने शरद पूर्णिमा के धार्मिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इस पर्व का विशेष आध्यात्मिक महत्व है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस रात चंद्रमा अपनी 16 कलाओं से परिपूर्ण होता है। वहीं, रुद्र नेचुरल साबुन एवं शहद उद्योग की निर्मात्री सुमन सिंह ने कहा कि संगम तट पर आयोजित महाआरती में शामिल होना उनके लिए परम सौभाग्य की बात है।

संस्था की राष्ट्रीय अध्यक्षा अंजू देवी ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण एवं संवर्धन के प्रति जन-जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से वर्ष 2014 से महाआरती का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने शरद पूर्णिमा की धार्मिक परंपराओं का उल्लेख करते हुए कहा कि मान्यता के अनुसार इस रात आसमान से अमृत वर्षा होती है। इसी विश्वास के चलते खुले आसमान के नीचे खीर रखने की परंपरा प्रचलित है। इस अवसर पर समाजसेवी संगीत आनंद एवं अंजू देवी ने विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली प्रतिभाओं को अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया। सम्मानित होने वालों में कविता थारू, गायिका गीता कुमारी, सुमन सिंह, सतेंद्र सिंह, चंद्रदेव ठाकुर, भरत सिंह राणा एवं दीप नारायण कुशवाहा शामिल रहे। आयोजन में विशेष सहयोग के लिए वाल्मीकि वसुधा परिवार के संचालक विद्यादित्य सिन्हा उर्फ संजू भैया, विजय कुमार, चंद्रदेव ठाकुर, अजय भक्त, लक्ष्मण सोनी, लेखक एम. शफी, धर्मपाल गुरु वशिष्ठ जी महाराज एवं पवन भट्टराई के प्रति आभार व्यक्त किया गया। महाप्रसाद की व्यवस्था वी.डी. सिन्हा उर्फ संजू भैया एवं विजय कुमार की ओर से की गई।

कार्यक्रम का संचालन संगीत आनंद ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन एचेल थारू ने किया। इस अवसर पर गायिका अहिल्या कुमारी, संजीव कुमार, निशा कुमारी, उषा देवी, शत्रुघ्न कुमार, सुनील कुमार, मुरारी कुमार, अर्पिता कुमारी, आचार्य पंडित अनिरुद्ध द्विवेदी, काजल कुमारी, बेबी कुमारी, अरुण कुमार एवं अनमोल कुमार सहित अन्य लोगों की भूमिका सराहनीय रही।कार्यक्रम के समापन पर ए.डब्ल्यू.पी.एल. के कार्यकर्ताओं चंद्रदेव ठाकुर, भरत सिंह राणा एवं दीप नारायण कुशवाहा उर्फ वैद्य जी ने ‘आयुर्वेद वरदान है’ विषय पर अपने विचार रखे और श्रद्धालुओं के उत्तम स्वास्थ्य की कामना की। धार्मिक आस्था, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक सद्भाव के संदेश के साथ 160वीं नारायणी गंडकी महाआरती संपन्न हुई।

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