688 विद्यार्थियों को उपाधि, 84 मेधावियों को पदक; समाज के लिए स्थायी योगदान का आह्वान
दीपक कुशवाहा दिल्ली / विजय कुमार शर्मा बगहा पश्चिम चंपारण बिहार

रायगढ़, ओ.पी. जिंदल विश्वविद्यालय, रायगढ़ का छठवां दीक्षांत समारोह शनिवार को गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। समारोह के मुख्य अतिथि छत्तीसगढ़ के राज्यपाल श्री रमेन डेका रहे। इस अवसर पर जिंदल स्टील लिमिटेड के चेयरमैन एवं लोकसभा सांसद श्री नवीन जिंदल, विश्वविद्यालय की चांसलर एवं जिंदल फाउंडेशन की चेयरपर्सन श्रीमती शालू जिंदल, छत्तीसगढ़ निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग के अध्यक्ष प्रो. विजय कुमार गोयल तथा जिंदल स्टील रायगढ़ के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर श्री देबोज्योति रॉय सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।

समारोह में स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग, स्कूल ऑफ मैनेजमेंट और स्कूल ऑफ साइंस के कुल 688 विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की गईं। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 84 मेधावी विद्यार्थियों को 27 स्वर्ण, 28 रजत एवं 29 कांस्य पदकों से सम्मानित किया गया। मुख्य अतिथि राज्यपाल श्री रमेन डेका ने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री प्राप्त करना नहीं, बल्कि अर्जित ज्ञान का विवेक, दूरदर्शिता और नैतिक साहस के साथ समाज के कल्याण में उपयोग करना है।

उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे जीवन में कम से कम एक ऐसा कार्य अवश्य करें, जो समाज के लिए स्थायी रूप से लाभकारी सिद्ध हो। श्री नवीन जिंदल ने विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आज देश को नवाचार, समस्या-समाधान क्षमता और उत्कृष्ट कार्यकुशलता वाले युवाओं की आवश्यकता है। उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स और अन्य उभरती तकनीकों में कौशल विकास पर विशेष बल दिया।

विश्वविद्यालय की चांसलर श्रीमती शालू जिंदल ने कहा कि दीक्षांत समारोह किसी यात्रा का अंत नहीं, बल्कि नए अवसरों और सपनों की शुरुआत है। उन्होंने विद्यार्थियों से आत्मविश्वास, नैतिक मूल्यों और सकारात्मक सोच के साथ राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया। प्रो. विजय कुमार गोयल ने विद्यार्थियों को ईमानदारी और सामाजिक उत्तरदायित्व के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय विद्यार्थियों को व्यावसायिक दक्षता के साथ नैतिक मूल्यों से भी समृद्ध कर रहा है।

इससे पूर्व कार्यक्रम का शुभारंभ अकादमिक प्रोसेशन एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. आर. डी. पाटीदार ने अतिथियों का स्वागत करते हुए वर्ष 2025-26 का वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत किया और विश्वविद्यालय की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। समारोह का मुख्य आकर्षण मेधावी विद्यार्थियों को पदक एवं सभी स्नातकों को उपाधि प्रदान करना रहा। इस दौरान पूरा सभागार उत्साह और उल्लास से गूंज उठा।

कार्यक्रम के अंत में कुलसचिव डॉ. अनुराग विजयवर्गीय ने सभी के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. संजय कुमार सिंह ने किया, जबकि संयोजन डॉ. गिरीश चंद्र मिश्र द्वारा किया गया। बड़ी संख्या में उपस्थित अभिभावकों एवं विद्यार्थियों ने समारोह को यादगार बना दिया।






