तबीयत बिगड़ी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मझौलिया में हुआ इलाज।
मामला राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय महनवा रमपुरवा का।
अनिल कुमार शर्मा मझौलिया पश्चिम चंपारण।
राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय रमपुरवा महनवा एक बार फिर से सुर्खियों में आ गया है। जहां पूर्व प्रधानाध्यपीका शिल्पा सिंह और शिक्षक धर्मेंद्र सिंह गुरुवार को विद्यालय रुटीन में हेर फेर को लेकर आपस में उलझ गए। बकझक होते-होते बात इतनी बढ़ गई की शिल्पा सिंह की स्थिति दयनीय हो गई। आनन फानन में ग्रामीण और शिक्षकों के सहयोग से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मझौलिया लाया गया। जहां चिकित्सकों द्वारा शिल्पा सिंह का इलाज किया गया।
घटना के संदर्भ में प्रधानाध्यापिका हिना रजा ने बताया कि पूर्व के रूटीन में कुछ बदलाव किया गया जिसको सर्व सम्मति से लागू करने की बात की गई थी। लेकिन शिक्षक धर्मेंद्र सिंह को रुटीन में बदलाव पसंद नहीं आया। इस बात से आवेशित होकर भड़कते हुए पूर्व प्रधानाध्यपीका शिल्पा सिंह से भीड़ गए। जिसके कारण मामला तुल पकड़ लिया।

प्रधानाध्यापिका ने बताया कि शिक्षक धर्मेंद्र सिंह के कारण विद्यालय की व्यवस्था और पठन पाठन बराबर गड़बड़ हो जाती है। शिक्षक धर्मेंद्र सिंह अपने को प्रधानाध्यापक समझते हुए अपनी डफली अपना राग बजाने लगते हैं। इस संदर्भ में प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी हफिजुर रहमान ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है। शिक्षक धर्मेंद्र सिंह हमेशा विवादों से घिरे रहते हैं। व्यवस्था एवं पठन पाठन में हमेशा व्यवधान खड़ा करते रहते हैं। उनके विरुद्ध विभागीय कार्रवाई के लिए लिखा जाएगा। इस बाबत शिक्षक धर्मेंद्र सिंह का कहना है कि मेरे ऊपर लगाए गए सारे आरोप निराधार है।

बताया जाता है कि शिल्पा सिंह और धर्मेंद्र सिंह के बीच पूर्व में भी विवाद हो चुका है।
बताते चले की विद्या के घर में ज्ञान की ज्योत जलाने वाले अनुशासन और संस्कार की शिक्षा देने वाले गुरु जन अपनी मर्यादा भूल कर झगड़ा लड़ाई शुरू कर देते हैं तो शिक्षा जगत का अपमान होता है। विशेष तौर पर भारत में पौराणिक काल से ही नारी का सम्मान सिखाया जाता रहा है लेकिन आज नारी के ऊपर तरह-तरह के आरोप लगाते हुए अपमानित करने का प्रयास किया जा रहा है।
शिक्षा प्रेमी इस घटना को शर्मनाक बताते हुए शिक्षा विभाग से जांच कर दोषी शिक्षक के विरुद्ध कड़ी से कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।






