विजय कुमार शर्मा बगहा पश्चिम चंपारण, बिहार
बगहा (प. चंपारण): सेमरा थाना के पूर्व प्रभारी सम्पत कुमार यादव की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। उन पर कानून की अवहेलना, धमकी देने तथा न्यायालय के प्रति अपमानजनक टिप्पणी करने जैसे गंभीर आरोप लगे हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार, आरोप है कि उन्होंने एक व्यक्ति को दौड़ा कर गोली मारने की धमकी दी थी और न्यायालय को “पागलों का अड्डा” बताया था। इस कथित टिप्पणी से न्यायिक गरिमा पर सवाल खड़े हो गए हैं। शास्त्रीनगर, बगहा निवासी जावेद अख्तर उर्फ मुन्ना द्वारा इस संबंध में बगहा न्यायालय में परिवाद संख्या 222/25 दायर किया गया था। मामले पर संज्ञान लेते हुए न्यायिक दंडाधिकारी, बगहा ने विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।

बताया जाता है कि सेमरा थाना में अपने कार्यकाल के दौरान सम्पत कुमार यादव का आचरण पहले से ही विवादों में रहा है। उनके खिलाफ पटना उच्च न्यायालय में एक आपराधिक रिट याचिका भी लंबित बताई जा रही है। जावेद अख्तर का कहना है कि उनके पास कथित अनियमितताओं और अन्य आरोपों से जुड़े कई साक्ष्य हैं, जिन्हें जल्द ही बिहार के पुलिस महानिदेशक को सौंपा जाएगा। इसके बाद मामले में कार्रवाई और तेज होने की संभावना जताई जा रही है। इस पूरे प्रकरण को लेकर प्रशासनिक स्तर पर भी हलचल तेज हो गई है। न्यायालय ने सम्पत कुमार यादव को 20 मई को अदालत में उपस्थित होने का आदेश दिया है। मामला भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 198, 308, 115, 351 सहित अन्य धाराओं के तहत दर्ज किया गया है।

जमीनी विवाद से जुड़े इस मामले ने तूल पकड़ लिया है। जावेद अख्तर ने आरोप लगाया है कि तत्कालीन थाना अध्यक्ष रहते हुए सम्पत कुमार यादव भूमाफियाओं के साथ मिलकर गैरकानूनी गतिविधियों में संलिप्त थे। उन्होंने यह भी कहा कि भूमि विवाद जैसे सिविल मामलों में पुलिस को हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए, इस संबंध में न्यायालय और सरकार द्वारा स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि पुलिस केवल आपराधिक मामलों तक ही सीमित रहे। फिलहाल, सभी की नजर 20 मई को होने वाली अगली सुनवाई और संभावित प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हुई है।






