सरकारी सेवा में सेवानिवृत्ति है अनिवार्य प्रकिया।
अनिल कुमार शर्मा मझौलिया पश्चिम चंपारण।
बुधवार को स्थानीय विवाह उत्सव भवन में राजकीय कन्या मध्य विद्यालय मझौलिया के सामाजिक विज्ञान के शिक्षक मुरारी प्रसाद चौरसिया की सेवा निवृत्ति पर विदाई सह सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। जिसकी अध्यक्षता प्रधानाध्यापिका सीमा सिंह ने किया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी हफिजुर रहमान ने कहा कि सरकारी सेवा में सेवानिवृत्ति अनिवार्य प्रक्रिया है। शिक्षक मुरारी प्रसाद चौरसिया कार्य कुशल मृदु भाषी और लोकप्रिय शिक्षक रहे हैं। उनकी पठन पाठन की शैली काफी उत्कृष्ट श्रेणी की रही है। समय पालन अनुशासन पालन और कर्तव्य निष्ठा के बेजोड़ उदाहरण है।
उन्होंने रिटायर शिक्षक मुरारी प्रसाद चौरसिया के उज्जवल और मंगलमय भविष्य की कामना की तथा शुभकामना व्यक्त किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रही राजकीय कन्या मध्य विद्यालय की प्रधानाध्यापिका सीमा सिंह ने कहा कि शिक्षक मुरारी प्रसाद चौरसिया एक जिंदा दिल इंसान के रूप में अपनी सेवा दी। बिंदास और पारदर्शिता पूर्ण ढंग से छात्रों को पढ़ाते थे। उन्होंने बताया कि शिक्षकों और छात्रों के बीच अपनी व्यवहार कुशलता और कर्तव्य प्रणायता को लेकर हमेशा प्रशंसा के पात्र रहे। उन्होंने भी उनके पारिवारिक जीवन और बच्चों के उज्जवल भविष्य के लिए कामना किया।

राजकीय उत्क्रमित मध्य विद्यालय हरि पकड़ी के प्रधानाध्यापक डॉक्टर अरविंद कुमार शर्मा ने कहा कि शिक्षक जीवन भर ज्ञान की ज्योति जलाते रहता है। अनुशासन लगनशीलता पारदर्शिता कर्तव्य निष्ठा ईमानदारी की भावना शिक्षक मुरारी प्रसाद चौरसिया में कूट-कूट कर भरी हुई है ।
शिक्षक राष्ट्र का भविष्य तैयार करता है इसलिए शिक्षक को राष्ट्र निर्माता भी कहा जाता है। प्रधानाध्यापक डॉक्टर अरविंद कुमार शर्मा ने गुरु की महता पर प्रकाश डालते हुए के हुए गुरु की महिमा का बखान किया। उन्होंने भी सेवानिवृत शिक्षक मुरारी प्रसाद चौरसिया के उज्जवल भविष्य की कामना की।
कार्यक्रम में मौजूद शिक्षकों ने सेवानिवृत शिक्षक मुरारी प्रसाद चौरसिया को फूल माला पहनते हुए उपहार देकर जीवन की दूसरी पारी कि सफलता के लिए भगवान से प्रार्थना की।
अपने संबोधन में रिटायर्ड शिक्षक मुरारी प्रसाद चौरसिया ने सबके प्रति आभार प्रकट करते हुए कहा कि सेवा में सेवा निवृत होना आम प्रक्रिया है। अपने प्रधानाध्यापक शिक्षकों और सहयोगियों के प्रति सम्मान दर्शाते हुए कहा कि सभी के प्यार मार्गदर्शन दिशा निर्देश और आशीर्वाद के बल पर उन्होंने शिक्षक की भूमिका सही ढंग से निभाने का प्रयास किया।

उन्होंने बताया कि शिक्षा सेवा से रिटायर होने के बाद वह बहुत जल्द व्यवहार न्यायालय बेतिया में अधिवक्ता के तौर पर जीवन की दूसरी पारी आरंभ करेंगे क्योंकि उनके पास एलएलबी की डिग्री है।
कार्यक्रम का संचालन कर रहे राजकीय माध्यमिक उच्चतर विद्यालय धोकराहा के प्रधानाध्यापक मोहम्मद शहाबुद्दीन ने कहा कि सेवानिवृत शिक्षक अब अपने बाल बच्चों और परिवार के बीच पूर्ण समय देंगे। समय की कोई बंदिश नहीं रहेगी।
उन्होंने मुरारी प्रसाद चौरसिया को परिवार के साथ पिकनिक पर जाने धार्मिक स्थलों पर जाने तथा समाज उत्थान के लिए योगदान देने का सलाह दिया। साथ ही शिक्षा की ज्योति जलाते रहने का अनुरोध भी किया।
विदाई सह सम्मान समारोह में पूर्व मुखिया सुरेंद्र साह ए एच होली मिशन स्कूल के निदेशक जुबेर अहमद जितेंद्र तिवारी अनिल सिंह शम्स आलम कृष्ण शर्मा राजेश कुमार रमेश पाठक माला कुमारी नागेंद्र प्रसाद चौरसिया लाल बाबू बैठा श्रीकांत भगत शिवपूजन प्रसाद हरिलाल प्रसाद सुधाकर श्रीवास्तव मुकेश कुमार श्रीवास्तव राजेश कुमार सिंह अक्षय कुमार प्रिंस शिक्षक सेवक दीपक कुमार कृष्ण मोहन प्रसाद चौरसिया आदि मौजूद रहे।
बताते चले की सेवानिवृत शिक्षक मुरारी प्रसाद चौरसिया के दो पुत्र इंजीनियर तथा एक पुत्री पी एम सी एच पटना में एमबीबीएस डॉक्टर के रूप में कार्यरत हैं।






