आशीष पाण्डेय लौरिया पश्चिम चंपारण, बिहार
लौरिया। सऊदी अरब के रियाद में हुई लौरिया के ओमप्रकाश महतो की मौत के बाद चौदह दिनों से चल रहा स्वजनों का इंतजार सोमवार को खत्म हुआ। नगर पंचायत लौरिया के मिश्रा टोला, वार्ड छह निवासी इंदल महतो के पुत्र ओमप्रकाश महतो का पार्थिव शरीर सोमवार शाम करीब पांच बजे पैतृक घर पहुंचा। शव देखते ही परिजनों की चीख-पुकार से माहौल गमगीन हो गया।
स्वजनों के अनुसार, ओमप्रकाश पिछले कई वर्षों से रियाद में वाहन चालक के रूप में कार्यरत थे। वाहन चलाने के दौरान अचानक तबीयत बिगड़ने पर उन्हें स्थानीय सहयोगियों ने अस्पताल में भर्ती कराया, जहां भारतीय समयानुसार पिछले मंगलवार शाम करीब छह बजे उनकी मृत्यु हो गई।
मौत की सूचना के बाद शव भारत लाने की प्रक्रिया शुरू हुई। पार्षद प्रतिनिधि बदरी यादव, सभापति प्रतिनिधि संजय कुमार व उपसभापति प्रतिनिधि लड्डू सिंह ने पहल करते हुए सांसद सुनील कुमार, केंद्रीय मंत्री सतीश चंद्र दुबे, विधायक विनय बिहारी व जिलाधिकारी को आवेदन देकर शव मंगाने का आग्रह किया था। लंबी प्रशासनिक प्रक्रिया के बाद सोमवार को पार्थिव शरीर घर पहुंच सका।
ओमप्रकाश अपने पीछे दो पुत्र और एक पुत्री छोड़ गए हैं। छोटे पुत्र सीआरपीएफ में कार्यरत हैं। किसी भी संतान की शादी नहीं हुई है।






