आशीष पाण्डेय लौरिया पश्चिम चंपारण, बिहार
बेतिया। व्यवहार न्यायालय परिसर में शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन हुआ। दीप प्रज्वलन और राष्ट्रीय गीत ‘सुजलाम सुफलाम’ के सामूहिक गायन से कार्यक्रम की शुरुआत हुई। न्यायिक व प्रशासनिक अधिकारियों ने लोक अदालत को त्वरित, सस्ता और आपसी सहमति से विवाद निपटाने का प्रभावी माध्यम बताया। उन्होंने कहा कि इससे लोगों को लंबी कानूनी प्रक्रिया से राहत मिलने के साथ समय और धन की बचत होती है। जिला प्रभारी एवं सत्र न्यायाधीश असिताभ कुमार ने बताया कि जिले में इस वर्ष की तीसरी राष्ट्रीय लोक अदालत के लिए व्यवहार न्यायालय परिसर में 27 बेंच गठित की गई हैं। इन बेंचों के समक्ष कुल 18,245 लिटिगेशन मामले रखे गए हैं। इनमें 7,992 मामले बैंक से संबंधित हैं, जबकि अन्य मामले न्यायालय और ट्रैफिक चालान से जुड़े हैं। बैंक मामलों के निपटारे के लिए न्यायिक अधिकारियों के साथ न्याय कर्मी और बैंक कर्मी भी मौजूद रहे।

लोगों की सुविधा के लिए ट्रैफिक चालान से जुड़े मामलों के निपटारे हेतु विपिन उच्च विद्यालय, बेतिया में भी लोक अदालत लगाई गई है, जहां दो पीठासीन अधिकारियों की नियुक्ति की गई है। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ से हुआ।






