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हिन्दी काव्य-साहित्य के अनमोल रत्न हैं महाकवि केदारनाथ मिश्र ‘प्रभात’

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हिन्दी-पखवारा के ११वें दिन साहित्य सम्मेलन में आयोजित हुआ जयंती-समारोह, दी काव्यांजलि

रमेश ठाकुर रामनगर नरकटियागंज पश्चिमी चंपारण

पटना, ११ सितम्बर। महाकवि केदारनाथ मिश्र ‘प्रभात’ हिन्दी काव्य-साहित्य के अनमोल रत्न हैं। उनकी काव्य-कल्पनाएँ अत्यंत मोहक और चकित करती हैं। उन्होंने अपनी विलक्षण काव्य-प्रतिभा से हिन्दी-कविता को साहित्य के शिखर पर प्रतिष्ठित किया। महाभारत के महान-योद्धा कर्ण पर लिखित उनका खंड-काव्य ‘कर्ण’ हो अथवा रामायण की खल स्त्री-पात्र ‘कैकेयी’ , प्रभात जी ने इन पर पाठकों को नयी दृष्टि से सोचने पर विवश किया है।यह बातें शुक्रवार को, बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन द्वारा महाकवि की जयंती पर आयोजित समारोह और कवि-गोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए सम्मेलन अध्यक्ष डा अनिल सुलभ ने कही। उन्होंने कहा कि, उनके गीत-संग्रह ‘बैठो मेरे पास’ पठनीयता और रमणीयता के पुलकनकारी उदाहरण हैं। पाठकों में लोकप्रियता और विक्रय की दृष्टि से कीर्तिमान स्थापित करने वाले उपन्यासों ‘मृत्युंजय’ और ‘युगंधर’ का अत्यंत लोकप्रिय उपन्यासकार शिवाजी सामंत की दृष्टि में, प्रभात जी का ‘कर्ण’ हिन्दी-काव्य-साहित्य का ‘एक मात्र अनमोल गहना’ है।

वरिष्ठ साहित्यकार डा रत्नेश्वर सिंह ने कहा कि प्रभात जी की काव्य-रचनाएँ पाठकों को उद्वेलित करती हैं। उनकी पुस्तक ‘ज्वाला’ ने क्रांति को एक ऐसा बल दिया कि उससे डरी हुई अंग्रेज़ी सरकार ने प्रेस में ही उसपर प्रतिबन्ध लगा दिया था। महाकवि ‘प्रभात’ के कनिष्ठ पुत्र मोहन मृगेंद्र, पुत्रवधु नम्रता कुमारी, निर्मला मिश्र, पौत्र वंश प्रभात, बंगलुरु से आयीं कवयित्री और सुप्रसिद्ध ध्रुवपद-गायिका श्वेता मिश्र, विभारानी श्रीवास्तव, डा पूनम आनन्द और पं उमेश मिश्र ने भी अपने विचार व्यक्त किए तथा महाकवि को श्रद्धांजलि अर्पित की।इस अवसर पर आयोजित कवि-गोष्ठी का आरंभ चंदा मिश्र की वाणी-वंदना से हुआ। वरिष्ठ कवि प्रो सुनील कुमार उपाध्याय, प्रो समरेंद्र नारायण आर्य, डा ओम् प्रकाश पाण्डेय ‘वदनाम’, शुभचंद्र सिन्हा, शमा कौसर ‘शमा’, प्रियंका श्रीवास्तव, ‘शुभ्र’, पूनम कतरियार, ई अशोक कुमार, सदानन्द प्रसाद, अभिराम बुद्धवाहा, अमितेश राज, अनुराग कुमार, इन्दु भूषण सहाय, शंकर शरण मधुकर ने भी अपनी रचनाओं का पाठ किया। मंच का संचालन कवि ब्रह्मानन्द पाण्डेय ने तथा धन्यवाद-ज्ञापन कृष्ण रंजन सिंह ने किया।

इस अवसर पर, वरिष्ठ शिक्षिका और रंगकर्मी निर्मला सिंह, ललिता पाण्डेय, कल्याणी कुमारी, रजनी कुमारी, ईशा कुमारी, नीतीश कुमार समेत बड़ी संख्या में सुधी श्रोता उपस्थित थे।

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