बिहार में बैंकिंग सेवाएं प्रभावित, पटना में ग्रामीण बैंक प्रधान कार्यालय के समक्ष जोरदार प्रदर्शन
विजय कुमार शर्मा बगहा पश्चिम चंपारण, बिहार
पटना, 11 सितंबर। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) के आह्वान पर शुक्रवार को बैंकिंग क्षेत्र के प्रमुख ट्रेड यूनियनों ने पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू करने समेत विभिन्न मांगों को लेकर एक दिवसीय राष्ट्रव्यापी बैंक हड़ताल की। हड़ताल के कारण बिहार सहित देशभर में बैंकिंग सेवाएं प्रभावित हुईं और कई शाखाओं में सामान्य बैंकिंग कार्य बाधित रहा।

हड़ताल की प्रमुख मांगों में बैंकिंग क्षेत्र में पांच दिवसीय कार्य-सप्ताह लागू करना तथा संशोधित पीएलआई (Performance Linked Incentive) व्यवस्था पर पुनर्विचार करना शामिल है। बैंक यूनियनों का कहना है कि सभी बैंकों के कर्मचारियों एवं अधिकारियों के लिए समान पीएलआई व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए।

हड़ताल के समर्थन में पटना स्थित बिहार ग्रामीण बैंक के प्रधान कार्यालय के समक्ष AIBOC के नेतृत्व में जोरदार प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन का नेतृत्व बिहार ग्रामीण बैंक अधिकारी संघ के महासचिव एवं AIBOC से संबद्ध श्री राजेश कुमार ने किया। इस अवसर पर राजेश कुमार ने कहा कि पांच दिवसीय बैंकिंग और समान पीएलआई बैंक कर्मचारियों एवं अधिकारियों की लंबे समय से लंबित और न्यायसंगत मांगें हैं।

इन मांगों पर सरकार एवं बैंक प्रबंधन को शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि मांगों के समाधान के लिए बैंक कर्मचारी और अधिकारी एकजुट हैं तथा अपने अधिकारों के लिए लोकतांत्रिक एवं संगठित तरीके से संघर्ष जारी रखेंगे।

यूनियन के अनुसार हड़ताल के चलते बिहार में बैंकिंग कारोबार पर व्यापक असर पड़ा और अनुमानतः करीब 10 लाख करोड़ रुपये का बैंकिंग व्यवसाय प्रभावित हुआ। प्रदर्शन में AIBOC के साथ AIRRBEA, NFRRBO, NFRRBE, AIBOA, AIBEA और INTUC समेत विभिन्न ट्रेड यूनियन संगठनों के प्रतिनिधि एवं बैंक कर्मचारी-अधिकारी शामिल हुए।

प्रदर्शनकारियों ने पांच दिवसीय बैंकिंग लागू करने, संशोधित पीएलआई योजना पर पुनर्विचार करने तथा लंबित मुद्दों के शीघ्र समाधान की मांग की। इस दौरान ‘UFBU एकता जिंदाबाद’, ‘बैंक कर्मचारी-अधिकारी एकता जिंदाबाद’ और ‘बिहार ग्रामीण बैंक के सभी संगठनों की एकता जिंदाबाद’ के नारे लगाए गए।






