कदमहवा में 11वें आयुर्वेद दिवस पर जागरूकता एवं निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर का किया गया आयोजन
वाल्मीकि नगर से नंदलाल पटेल की रिपोर्ट
आयुर्वेद को जन-जन तक पहुँचाने, रोगों की रोकथाम एवं स्वस्थ जीवनशैली के प्रति समाज में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से 11वें आयुर्वेद दिवस के अवसर पर डॉ. भीमराव अंबेडकर आवासीय विद्यालय, कदमहवा में विशेष आयुर्वेद जागरूकता कार्यक्रम एवं निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम भारत सरकार के आयुष मंत्रालय के अंतर्गत क्षेत्रीय आयुर्वेद अनुसंधान संस्थान, अगमकुआँ, पटना द्वारा आयोजित किया गया। कार्यक्रम प्रभारी अनुसंधान अधिकारी डॉ. बनमाली दास के दिशा-निर्देशन एवं 11वें आयुर्वेद दिवस के नोडल अधिकारी डॉ. बालाजी पोर्तभरे के नेतृत्व तथा परियोजना प्रमुख डॉ. अशोक कुमार सिन्हा के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ।
आयुर्वेद,उपचार के साथ स्वास्थ्य संरक्षण की जीवन-पद्धति:
कार्यक्रम में विद्यार्थियों एवं उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए आयुर्वेद के महत्व दो बनमली दास ने बताया कि आयुर्वेद केवल बीमारी होने के बाद उपचार करने की पद्धति नहीं, बल्कि स्वस्थ्य जीवन की रक्षा, रोगों की रोकथाम और संतुलित जीवन जीने की समग्र पद्धति है। वर्तमान में आयुर्वेद को अपनाने एवं आयुर्वेद के तौर तरीकों के साथ जीना पड़ेगा। तभी हम और हमारा समाज स्वच्छ जीवन व्यतीत कर सकता है। आयुर्वेद में आहार, दिनचर्या, ऋतुचर्या, योग, पर्याप्त नींद एवं मानसिक संतुलन को स्वस्थ जीवन के महत्वपूर्ण आधार के रूप में बताया गया है। विद्यार्थियों को विशेष रूप से पौष्टिक एवं संतुलित भोजन लेने, जंक फूड से बचने, व्यक्तिगत स्वच्छता का ध्यान रखने तथा नियमित योग एवं व्यायाम को अपनी दिनचर्या में शामिल करने के लिए प्रेरित किया गया।
शिविर में उपस्थित ग्रामीणों को बताया गया कि ऋतु के अनुसार खान-पान और दिनचर्या में बदलाव करके अनेक स्वास्थ्य समस्याओं से बचाव किया जा सकता है। आयुर्वेद के सिद्धांतों को दैनिक जीवन में अपनाकर शरीर और मन को स्वस्थ रखने की दिशा में बेहतर प्रयास करें।
शिविर में स्वास्थ्य परीक्षण के साथ दिया गया आयुर्वेदिक परामर्श:
आयुर्वेद जागरूकता कार्यक्रम के साथ आयोजित निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर में उपस्थित लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण एवं चिकित्सकीय परामर्श दिया गया। इस मौके पर आवश्यकता के अनुसार निःशुल्क आयुर्वेदिक औषधियों का वितरण संस्थान के चिकित्सकों द्वारा किया गया। “आयुर्वेद अपनाएँ, स्वस्थ जीवन पाएँ” का संदेश देते हुए विद्यार्थियों एवं आमजन को आयुर्वेद की उपयोगिता से अवगत करा कर उन्हें प्रोत्साहित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य केवल आयुर्वेदिक चिकित्सा के प्रति जागरूकता पैदा करना ही नहीं, बल्कि आयुर्वेद आधारित स्वस्थ जीवनशैली को जन-जन तक पहुँचाना भी रहा। कार्यक्रम के सफल आयोजन में विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती अनुपमा कुमारी, शिक्षिका किरण कुमारी, मुस्कान वर्मा, संजीत सर एवं श्याम सर का महत्वपूर्ण सहयोग रहा। इस अवसर पर डॉ. शमीम आलम, प्रकाश कुमार, विश्वंभर हलधर सहित संस्थान एवं परियोजना से जुड़े अन्य कर्मियों ने सक्रिय सहभागिता निभाई।






