वाल्मीकि नगर से नंदलाल पटेल की रिपोर्ट
आगामी पंचायत चुनाव को लेकर प्रखंड स्तर पर तैयारियां तेज कर दी गई हैं। राज्य निर्वाचन आयोग और पंचायती राज विभाग के निर्देश पर वाल्मीकिनगर सहित विभिन्न ग्राम पंचायतों में नए सिरे से परिसीमन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। परिसीमन के बाद पंचायतों और वार्डों की सीमाओं में बदलाव के साथ स्थानीय चुनावी समीकरण भी प्रभावित होने की संभावना है। प्रखंड विकास पदाधिकारी बिट्टू कुमार राम ने बताया कि संबंधित अधिकारियों और कर्मियों को 10 सितंबर 2026 तक परिसीमन एवं इनमरेशन ब्लॉक (ईबी) की चौहद्दी दर्ज करने का कार्य पूरा करने का निर्देश दिया गया है। इस बार परिसीमन की प्रक्रिया डिजिटल माध्यम से पूरी की जा रही है, जिससे सीमाओं का निर्धारण अधिक सटीक और पारदर्शी तरीके से किए जाने की उम्मीद है।
2011 की जनगणना के आंकड़े होंगे आधार
नए परिसीमन में 2011 की जनगणना के आंकड़ों को आधार बनाया जा रहा है। इससे पहले पंचायत परिसीमन में 1991 की जनगणना के आंकड़ों का इस्तेमाल किया गया था। इसका उद्देश्य पंचायतों और निर्वाचन क्षेत्रों में जनसंख्या तथा भौगोलिक क्षेत्र का यथासंभव संतुलित निर्धारण करना है।
मोबाइल ऐप पर दर्ज की जाएगी चौहद्दी
परिसीमन के लिए विशेष मोबाइल ऐप का उपयोग किया जा रहा है। कर्मियों को प्रत्येक ईबी की वास्तविक स्थिति और उसकी चौहद्दी उत्तर, दक्षिण, पूर्व, पश्चिम, उत्तर-पूर्व, दक्षिण-पूर्व, उत्तर-पश्चिम, दक्षिण-पश्चिम तथा केंद्र के आधार पर दर्ज करनी होगी। संबंधित कर्मियों को डिजिटल प्रक्रिया का प्रशिक्षण भी दिया जा चुका है।
बदल सकता है राजनीतिक समीकरण
परिसीमन के बाद वाल्मीकिनगर, लक्ष्मीपुर-रमपुरवा, संतपुर-सोहिरया और चंपापुर-गोनौली समेत अन्य पंचायतों के वार्डों की सीमाओं में बदलाव हो सकता है।ऐसे में आगामी पंचायत चुनाव में नए क्षेत्रीय समीकरण उभरने की संभावना है। जनप्रतिनिधियों और चुनावी दावेदारों की नजर अब परिसीमन के अंतिम स्वरूप पर टिकी हुई है।






