वाल्मीकिनगर से नंदलाल पटेल की रिपोर्ट
पर्यटन नगरी वाल्मीकिनगर स्थित जटाशंकर मंदिर के समीप सोमवार की देर शाम जंगली हाथियों का झुंड पहुंचने की सूचना से आसपास के लोगों और दुकानदारों में कौतूहल के साथ दहशत का माहौल बन गया। मंदिर परिसर में मौजूद एक दुकानदार ने दूर से टॉर्च की रोशनी में हाथियों के झुंड का वीडियो भी बनाया। हालांकि, अब तक हाथियों द्वारा किसी व्यक्ति या संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की सूचना नहीं है। वन विभाग के अनुसार हाथियों का झुंड फिलहाल जंगल क्षेत्र में विचरण कर रहा है और उसकी गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है। वाल्मीकिनगर रेंजर सत्यम कुमार ने बताया कि वीटीआर में जंगली हाथियों की आमद को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। वनकर्मियों को हाथियों की गतिविधियों पर नजर रखने के साथ संवेदनशील इलाकों में विशेष सतर्कता बरतने का निर्देश दिया गया है।
नेपाल से हर साल पहुंचते हैं जंगली हाथी
वीटीआर में नेपाल से जंगली हाथियों का आना कोई नई घटना नहीं है। चितवन नेशनल पार्क की सीमा वीटीआर से सटी होने के कारण हाथी समेत कई वन्यजीव प्राकृतिक रूप से दोनों क्षेत्रों में आवागमन करते रहते हैं। नदी-नालों और जंगलों को पार कर हाथियों के झुंड वीटीआर में प्रवेश करते हैं और कुछ दिनों तक विचरण करने के बाद वापस नेपाल लौट जाते हैं। वीटीआर के घने जंगल, विस्तृत घासभूमि और समृद्ध जैव विविधता हाथियों के लिए अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराते हैं। जानकारों के अनुसार, हाथी अक्सर अपने पारंपरिक मार्गों का इस्तेमाल करते हुए नेपाल से वीटीआर पहुंचते हैं और बाद में उसी रास्ते से वापस लौट जाते हैं।
जंगली हाथियों से सुरक्षा के लिए रिजर्व के हाथियों को किया जाता है शिफ्ट
नेपाली जंगली हाथियों की मौजूदगी को देखते हुए वीटीआर में वन्यजीव सुरक्षा और पेट्रोलिंग में सहयोग करने वाले हाथियों की सुरक्षा भी महत्वपूर्ण हो जाती है। रिजर्व के चार हाथी राजा, द्रोणा, मणिकंठा और बालाजी को जंगली हाथियों से संभावित खतरे को देखते हुए जरूरत पड़ने पर कौलेश्वर हाथीशाला से सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट किया जाता है। वन विभाग के अनुसार, जंगली हाथियों का व्यवहार कई बार आक्रामक हो सकता है। ऐसे में एहतियात के तौर पर पालतू एवं प्रशिक्षित हाथियों को सुरक्षित स्थान पर रखना जरूरी होता है।
वन विभाग ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की
वन विभाग ने स्थानीय लोगों से जंगल के समीप भीड़ नहीं लगाने की अपील की है। लोगों को हाथियों का पीछा करने, उनके रास्ते में बाधा डालने, तेज रोशनी या शोर करने तथा उन्हें उकसाने से बचने की सलाह दी गई है। अधिकारियों ने कहा कि जंगली हाथियों से पर्याप्त दूरी बनाए रखना ही मानव और वन्यजीव दोनों की सुरक्षा के लिए सबसे बेहतर उपाय है।






