पंचायत क्षेत्र में लंपी वायरस के लक्षण सामने आने से पशुपालक को की चिंता बढ़ी

0
IMG-20260829-WA0033.jpg

वाल्मीकि नगर से नंदलाल पटेल की रिपोर्ट

वाल्मीकि नगर पंचायत क्षेत्र में लंपी वायरस के लक्षण सामने आने से पशुपालकों की चिंता बढ़ गई है। ई-टाइप कॉलोनी निवासी विवेक कुमार की गाय की बछिया में लंपी बीमारी के लक्षण दिखाई दिए हैं। बछिया के शरीर पर बीमारी के शुरुआती लक्षण मिलने के बाद पशुपालक सतर्क हो गए हैं। स्थानीय स्तर पर पशु के उपचार की प्रक्रिया शुरू की गई है।
हरनाटांड़ के पशु चिकित्सक राकेश कुमार ने बताया कि लंपी वायरस पशुओं में होने वाली गंभीर संक्रामक बीमारी है। इसकी चपेट में आने पर पशुओं के शरीर पर गांठें बनने लगती हैं। इसके साथ तेज बुखार, सिर और गर्दन के हिस्से में दर्द तथा कमजोरी जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। बीमारी बढ़ने पर पशुओं की दूध देने की क्षमता भी प्रभावित होती है। उन्होंने बताया कि यह वायरस मुख्य रूप से मच्छर, मक्खी और अन्य खून चूसने वाले कीड़ों के माध्यम से फैलता है। दूषित पानी, लार और संक्रमित पशुओं के संपर्क में आने से भी संक्रमण फैलने की आशंका रहती है। ऐसे में पशुपालकों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।


चिकित्सक ने पशुपालकों को सलाह दी कि किसी पशु में लंपी के लक्षण दिखाई देने पर उसे तत्काल स्वस्थ पशुओं से अलग कर दें। संक्रमित पशु के खाने-पीने के बर्तन भी अलग रखें। पशुओं के रहने वाले स्थान की नियमित सफाई और कीटनाशक का छिड़काव करें, ताकि मच्छर-मक्खियों का प्रकोप कम किया जा सके। उन्होंने बताया कि बीमार पशु को राहत देने के लिए नीम की पत्तियों के पानी से दिन में दो-तीन बार स्नान कराया जा सकता है। बुखार अधिक होने पर माथे पर ठंडे पानी की पट्टी रखने से भी राहत मिल सकती है। हालांकि गंभीर लक्षण दिखने पर पशु चिकित्सक से तत्काल संपर्क करना जरूरी है। संक्रमण की रोकथाम के लिए समय रहते पशुओं की जांच और आवश्यक टीकाकरण पर भी जोर दिया गया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!