अतिक्रमण हटाने के नोटिस के बाद बाल्मीकि नगर में राजनीतिक और सामाजिक हलचल तेज

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वाल्मीकि नगर से नंदलाल पटेल की रिपोर्ट

जल संसाधन विभाग की ओर से जारी अतिक्रमण हटाने के नोटिस के बाद वाल्मीकिनगर में राजनीतिक और सामाजिक हलचल तेज हो गई है। विभाग ने गोल चौक से लेकर तीन आरडी पुल चौक तक सड़क किनारे स्थित दुकानों और मकानों को अतिक्रमण की श्रेणी में चिह्नित करते हुए संबंधित लोगों को भूमि खाली करने का निर्देश दिया है। समय सीमा के भीतर अतिक्रमण नहीं हटाने पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है। नोटिस जारी होने के बाद इलाके में संभावित कार्रवाई को लेकर लोगों में भय और असंतोष का माहौल है। खासकर टीना शेड कॉलोनी के लोगों ने एकजुट होकर प्रशासनिक कार्रवाई पर तत्काल रोक लगाने की मांग उठाई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि वे वर्षों से यहां रहकर अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहे हैं। ऐसे में अचानक घर और दुकान हटाने की कार्रवाई से उनके सामने रोजी-रोटी और आवास का संकट खड़ा हो जाएगा।

विधायक से हस्तक्षेप की मांग कॉलोनी के लोगों ने स्थानीय विधायक से मामले में हस्तक्षेप कर जल संसाधन विभाग की प्रस्तावित कार्रवाई पर रोक दिलाने की मांग की है। ग्रामीणों ने कहा कि यदि जमीन विभाग की है और लंबे समय से लोग वहां बसे हुए हैं, तो सरकार को मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए पहले उनके पुनर्वास या वैकल्पिक व्यवस्था पर विचार करना चाहिए। लोगों ने सिंचाई विभाग की भूमि पर वर्षों से बसे घरों और दुकानों को नियमानुसार नियमित कर वैध रूप से आवंटित करने की भी मांग की है। उनका कहना है कि बिना वैकल्पिक व्यवस्था के परिवारों को हटाना उनके लिए गंभीर संकट पैदा करेगा। इधर, अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को लेकर क्षेत्र में चर्चाओं का दौर जारी है। स्थानीय लोगों की मांग है कि प्रशासन पहले सभी पक्षों की स्थिति और दस्तावेजों की जांच करे तथा प्रभावित परिवारों के हितों को ध्यान में रखते हुए ही आगे की कार्रवाई करे। मामले को लेकर वाल्मीकिनगर में सियासी गरमाहट बढ़ती जा रही है।

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