वाल्मीकि नगर से नंदलाल पटेल की रिपोर्ट
शहीद क्रांतिकारी चंद्रशेखर आजाद के पौत्र अमित आजाद शेखर तिवारी के गुरुवार को वाल्मीकिनगर पहुंचने पर लोगों में खासा उत्साह देखने को मिला।स्थानीय श्याम गेस्ट हाउस में पहुंचने पर उनका गर्मजोशी से स्वागत किया गया। कार्यक्रम में विद्यालय के छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और गणमान्य लोगों ने हिस्सा लिया।अमित आजाद ने युवाओं से क्रांतिकारियों के संघर्ष, त्याग और बलिदान से प्रेरणा लेने की अपील की. उन्होंने कहा कि वाल्मीकिनगर आकर उन्हें बेहद खुशी हो रही है। आजादी से पहले के हालात हों या वर्तमान समय, देश की जनता की भावना हमेशा सर्वोपरि रही है। उन्होंने कहा कि बलिदानी क्रांतिकारी आज भी देशवासियों के दिलों में जिंदा हैं और उनके संघर्ष को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना समाज की जिम्मेदारी है।

1.74 लाख किलोमीटर की यात्रा
अमित आजाद ने बताया कि उन्होंने देशभर में करीब 1 लाख 74 हजार किलोमीटर की यात्रा की है।महाराष्ट्र से पश्चिम बंगाल तक विभिन्न क्षेत्रों में पहुंचकर उन्होंने बच्चों और युवाओं को महान क्रांतिकारियों के योगदान से परिचित कराया। उन्होंने कहा कि देश के अलग-अलग हिस्सों में लोग अलग-अलग स्वतंत्रता सेनानियों को जानते हैं, लेकिन हर क्रांतिकारी के योगदान को समझना जरूरी है। मोबाइल से ज्यादा इतिहास को दें समय
युवाओं को संदेश देते हुए उन्होंने कहा कि तकनीक का उपयोग जरूरी है, लेकिन उसका इस्तेमाल सही दिशा में होना चाहिए। युवाओं को मोबाइल और सोशल मीडिया में अधिक समय देने के बजाय देश के इतिहास और क्रांतिकारियों के जीवन को जानने में रुचि लेनी चाहिए।उन्होंने कहा कि आजादी के लिए लाखों क्रांतिकारियों ने बलिदान दिया।

उनके लिए देश सर्वोपरि था.युवाओं को भी उनके जीवन से प्रेरणा लेकर राष्ट्र के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए। मौके पर एसएसबी गंडक ब्रांच के कंपनी कमांडर लोकेश कुमार बनिया, विधायक प्रतिनिधि अमित कुमार उर्फ बिट्टू जायसवाल, सुमन कुमार गुप्ता, भोलू श्रीवास्तव और विद्यालय के प्राचार्य राकेश कुमार राव सहित अन्य लोग मौजूद रहे






