लगातार तीन लोगों को घायल करने के बाद ग्रामीणों में दहशत का माहौल था
वाल्मीकि नगर से नंदलाल पटेल की रिपोर्ट
वाल्मीकि टाइगर रिजर्व (वीटीआर) से सटे संतपुर गांव में पिछले तीन दिनों से आतंक का पर्याय बने जंगली सूअर को आखिरकार वन विभाग ने मंगलवार को विशेष अभियान चलाकर जंगल की ओर खदेड़ दिया। लगातार तीन लोगों को घायल करने के बाद ग्रामीणों में दहशत का माहौल था। वन विभाग की दो टीमों ने घंटों मशक्कत और पीछा करने के बाद जंगली सूअर को सुरक्षित वीटीआर के घने जंगल में पहुंचा दिया। इसके बाद गांव के लोगों ने राहत की सांस ली।
जानकारी के अनुसार, रविवार को जंगली सूअर संतपुर गांव के बीच स्थित तिलकधारी के घर में घुस गया था। ग्रामीणों ने शोर-शराबा कर किसी तरह उसे गांव से बाहर निकाला। इसके अगले दिन सूअर ने गांव निवासी बालकिशुन की पत्नी पर हमला कर उन्हें घायल कर दिया। मंगलवार को उसने पूर्व ईडीसी सदस्य राजेश काजी पर पीछे से हमला कर दिया। सूअर के नुकीले दांत उनकी कमर में धंस गए, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए।

हमले के दौरान गिरने से उनके सिर में भी चोट आई। ग्रामीणों ने उन्हें तत्काल हरनाटांड़ अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका उपचार किया गया।घटना के बाद वन प्रमंडल-2 के रेंजर सत्यम कुमार के नेतृत्व में फॉरेस्टर आशीष कुमार सहित वनकर्मियों की दो टीमों का गठन किया गया।
रेंजर सत्यम कुमार ने बताया कि अभियान के दौरान एक टीम को जंगली सूअर दिखाई दिया, जिसकी सूचना तुरंत दूसरी टीम को दी गई। दोनों टीमें एक साथ सक्रिय हुईं और सूअर का लगातार पीछा करती रहीं। भागते हुए सूअर ने रास्ते में एक नहर में छलांग लगा दी, लेकिन वनकर्मियों ने पीछा नहीं छोड़ा।






