वाल्मीकि नगर से नंदलाल पटेल की रिपोर्ट
बरसात के मौसम में रिहायशी क्षेत्रों में सांपों के निकलने की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए वाल्मीकिनगर स्थित वन सभागार में मंगलवार को एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के वन प्रमंडल-दो के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यशाला में वन प्रमंडल की पांचों रेंज के वन अधिकारी एवं वनकर्मी शामिल हुए।

कार्यशाला का उद्घाटन एसीएफ सी. एस. बीके सिन्हा की मौजूदगी में हुआ। इस दौरान डब्ल्यूटीआई के सीनियर फील्ड ऑफिसर पावेल घोष, असिस्टेंट फील्ड ऑफिसर सुनील कुमार तथा लखनऊ से आए प्रशिक्षक आदित्य (बीके) तिवारी ने वनकर्मियों को सांपों की पहचान, सुरक्षित रेस्क्यू, आवश्यक उपकरणों के उपयोग तथा रेस्क्यू के बाद अपनाई जाने वाली सावधानियों की विस्तृत जानकारी दी।

समय रहते वनकर्मियों की त्वरित और सुरक्षित कार्रवाई बेहद जरूरी होती है। इसी उद्देश्य से वनकर्मियों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया ताकि बिना किसी नुकसान के सांपों का सुरक्षित रेस्क्यू कर उन्हें उनके प्राकृतिक आवास में छोड़ा जा सके।
वहीं डब्ल्यूटीआई के सीनियर फील्ड ऑफिसर पावेल घोष ने बताया कि वन विभाग के सहयोग से आयोजित इस कार्यशाला में विषैले और गैर-विषैले सांपों की पहचान, उन्हें सुरक्षित तरीके से पकड़ने, रेस्क्यू के दौरान बरती जाने वाली सावधा






