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अजब दिलेरी की गजब कहानी बनी वाल्मीकि नगर की जानकी देवी

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विजय कुमार शर्मा बगहा पश्चिम चंपारण, बिहार

वाल्मीकि नगर (पश्चिम चंपारण) — जहां एक ओर सांपों को देखकर लोग डर जाते हैं, वहीं वाल्मीकि टाइगर रिजर्व क्षेत्र के बिसहां गांव की एक गृहिणी ने इस डर को अपनी ताकत बना लिया है। बिसहां गांव निवासी जानकी देवी आज इलाके में अपनी बहादुरी और अनोखे काम के लिए जानी जाती हैं। आम तौर पर जहां वन विभाग या प्रशिक्षित रेस्क्यू टीम ही विषैले सांपों को पकड़ने का काम करती है, वहीं जानकी देवी बिना किसी औपचारिक प्रशिक्षण के यह कार्य वर्षों से करती आ रही हैं। जानकी देवी एक साधारण ग्रामीण महिला हैं, जो छोटी-मोटी खेती के साथ-साथ 4-5 गायों का पालन-पोषण करती हैं। लेकिन उनकी असली पहचान तब सामने आती है, जब इलाके में कोई जहरीला सांप निकलता है। वे बिना घबराए सांप को पकड़कर सुरक्षित स्थान पर छोड़ देती हैं।

खास बात यह है कि यह काम उनके लिए कोई पेशा नहीं, बल्कि जुनून है। वे इसे खेल-खेल में करती हैं और अब तक कई खतरनाक सांपों को सुरक्षित तरीके से जंगल में छोड़ चुकी हैं। उनके इस साहसिक कार्य में उनका परिवार भी पीछे नहीं है। उनके बच्चे भी मां से प्रेरित होकर सांपों को पकड़कर उन्हें नुकसान पहुंचाए बिना सुरक्षित स्थान पर छोड़ देते हैं।

समाज के लिए प्रेरणा

जानकी देवी का यह कार्य न केवल साहस का उदाहरण है, बल्कि यह वन्यजीव संरक्षण की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण योगदान है। वे लोगों को यह संदेश देती हैं कि हर जीव का अपना महत्व है और उन्हें बिना नुकसान पहुंचाए सुरक्षित स्थान पर छोड़ना ही सही रास्ता है। आज जरूरत है कि ऐसे साहसी और जागरूक लोगों को पहचान और प्रोत्साहन मिले, ताकि समाज में वन्यजीवों के प्रति संवेदनशीलता और जागरूकता बढ़े।

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