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नंदकिशोर राम का बड़ा बयान : पशुपालन क्रांति से बदलेगी बिहार की तस्वीर

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रमेश ठाकुर – रामनगर पश्चिम चंपारण,बिहार
दिनांक:- 13-05-2026

बिहार में पशुपालन, डेयरी एवं मत्स्य क्षेत्र को मजबूत बनाने की दिशा में राज्य सरकार लगातार कार्य कर रही है। इसी क्रम में डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग के मंत्री नंदकिशोर राम ने मंगलवार को बिहार पशु विज्ञान विश्वविद्यालय का दौरा कर विश्वविद्यालय में संचालित शिक्षण, शोध एवं प्रसार गतिविधियों की विस्तृत समीक्षा की। विश्वविद्यालय पहुंचने पर कुलपति डॉ. इन्द्रजीत सिंह ने पौधा भेंट कर मंत्री का स्वागत किया। इसके बाद आयोजित बैठक में विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों एवं पदाधिकारियों के साथ राज्य में पशुपालन, डेयरी एवं मत्स्य क्षेत्र को और सशक्त बनाने को लेकर विस्तृत चर्चा हुई।

बैठक में कुलपति ने विश्वविद्यालय की उपलब्धियों, पशु स्वास्थ्य जांच शिविरों, टीकाकरण अभियानों, आधुनिक शोध कार्यों तथा पशुपालकों के लिए संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी। साथ ही विश्वविद्यालय द्वारा विकसित उत्पादों जैसे बटेर लिट्टी, चिकेन लिट्टी एवं व्हे सूप आदि के बारे में भी अवगत कराया। इस दौरान मंत्री नंदकिशोर राम ने कहा कि बिहार का गौरवशाली इतिहास रहा है और राज्य को पशुपालन एवं डेयरी क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल करने के लिए सभी को समन्वित प्रयास करने होंगे। उन्होंने वैज्ञानिकों को “बिहार का भाग्य निर्माता” बताते हुए कहा कि उनके शोध एवं नवाचार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान कर सकते हैं। मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पशुपालकों की आय बढ़ाने और रोजगार सृजन के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने गौवंश के साथ-साथ भैंस पालन को बढ़ावा देने, मुर्रा नस्ल के संवर्धन तथा रोजगारपरक योजनाओं के निर्माण पर विशेष बल दिया। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य में दो नए पशु विज्ञान महाविद्यालय खोलने की दिशा में पहल की जा रही है। दौरे के दौरान मंत्री ने विश्वविद्यालय के पशु प्रक्षेत्र परिसर का निरीक्षण भी किया तथा देशी नस्लों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए किए जा रहे कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि सरकार और विश्वविद्यालय मिलकर पशुपालन क्षेत्र में विकास की गति को और तेज करेंगे, ताकि इसका सीधा लाभ राज्य के पशुपालकों तक पहुंच सके।इस अवसर पर विभाग एवं विश्वविद्यालय के कई वरिष्ठ अधिकारी, वैज्ञानिक एवं विभागाध्यक्ष उपस्थित रहे।

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