अनिल कुमार शर्मा मझौलिया पश्चिम चंपारण।
मझौलिया प्रखंड के बरवा सेमरा घाट में श्री राम जानकी मंदिर मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा एवं विष्णु महायज्ञ के शुभ अवसर पर भव्य कलश यात्रा निकाली गई।, जिसमें 5051 कुंवारी कन्याओं ने सिकरहना नदी में जल भरा इस जल शोभायात्रा में महिलाओं बड़े बुजुर्ग बच्चों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। यह धार्मिक यात्रा पूरे पंचायत क्षेत्र की परिक्रमा करते हुए सिकरहना नदी तक पहुंची, जहां श्रद्धालुओं ने विधि-विधान के साथ पवित्र जल भरकर यज्ञ स्थल तक पहुंचाया। यात्रा के दौरान भक्ति गीत, जयकारे और गाजे-बाजे से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा।, जिससे क्षेत्र में आस्था और उत्साह का अनूठा संगम देखने को मिला।

कलश यात्रा के दौरान श्रद्धालु पारंपरिक वेशभूषा में सजे-धजे नजर आए। कुंवारी कन्याओं और महिलाएं सिर पर कलश लेकर अनुशासित ढंग से आगे बढ़ रही थीं, वहीं पुरुष श्रद्धालु भी भक्ति भाव से सहयोग करते दिखे। मार्ग में जगह-जगह लोगों ने पुष्पवर्षा कर यात्रा का स्वागत किया तथा कलश यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं को शरबत और शीतल जल पिलाया। इस दौरान “जय श्री राम” और “हरि बोल” के जयकारों से वातावरण गुंजायमान रहा।
समिति अध्यक्ष परमानंद यादव ने बताया कि यह महायज्ञ जन सहयोग से जनकल्याण की भावना से आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि नवनिर्मित राम जानकी मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा का कार्यक्रम श्रद्धालुओं के लिए विशेष आस्था का केंद्र बनेगा और इससे क्षेत्र में धार्मिक वातावरण सुदृढ़ होगा। उन्होंने सभी क्षेत्रवासियों से इस आयोजन में भाग लेकर पुण्य लाभ अर्जित करने की अपील की।

यज्ञ आयोजन समिति के सचिव मिथिलेश श्रीवास्तव, कोषाध्यक्ष दिलीप कुमार चौरसिया, विनोद प्रसाद चौरसिया सहित यजमान सिद्धेश्वर मिश्र, नित्यानंद मिश्र, विनय मिश्र, अरुण मिश्र, वशिष्ठ झा, जनार्दन तिवारी, बृजेश साह, बिटून मिश्र, दशरथ मिश्र, धर्म यादव, टुन्नू प्रसाद श्रीवास्तव सहित अनेक गणमान्य लोग आयोजन में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
आचार्य श्री पंडित और बाबा गिरधर दास के सान्निध्य में यह नौ दिवसीय महायज्ञ संपन्न होगा, जिसमें प्रतिदिन कथा, प्रवचन और रामलीला मंचन जैसे धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इस आयोजन को लेकर पूरे क्षेत्र में उत्साह का माहौल है और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के जुटने की संभावना जताई जा रही है।
बताते चले की श्री राम जानकी मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा समारोह आगामी 23 अप्रैल को होगी।
बताते चले की मंदिर निर्माण के लिए सिद्धेश्वर मिश्र अनकेश्वर मिश्र और नित्यानंद मिश्र ने भक्ति भाव दर्शाते हुए जमीन दान किया है।
इस धार्मिक उत्सव को लेकर क्षेत्र में भक्ति मय माहौल देखा जा रहा है।






