शिक्षक ने इको फ्रेंडली होली मनाने को किया जागरूक
विजय कुमार शर्मा बगहा पश्चिम चंपारण, बिहार
होली रंगों एवं खुशियों का त्यौहार है इसे आपसी सद्भाव से मनाना चाहिए। होली मनाते समय कुछ सावधानी आवश्यक है जैसे रासायनिक रंगो से परहेज करना ताकि उससे हमारी या अन्य किसी की त्वचा, आँखों, मुँह को नुकसान न हो। होली के नाम पर किसी के साथ अभद्रता, फूहड़ता अथवा अश्लीलता नहीं करनी चाहिए। उक्त बातें स्थानीय शिक्षक सुनिल कुमार ने होली के अवसर पर विद्यार्थियों एवं अन्य लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से कहा।

शिक्षक ने आगे कहा कि हमें पर्यावरण के अनुकूल, इको फ्रेंडली होली मनाना चाहिए ताकि पर्यावरण को नुकसान न हो। प्रकृति हमारे स्वास्थ्य, दीर्घायु जीवन, आवास आदि के लिए अनुकूल वातावरण, परिस्थिति उत्पन्न करती है इसे दूषित होने से बचाना हम सब की जिम्मेदारी है। होली में रासायनिक रंगों के प्रयोग से बचना चाहिए। होलिका दहन में स्वयं भी सावधानी बरतें तथा दूसरों को भी सचेत करें एवं किसी की सम्पत्ति को नुकसान न पहुंचाएं। बेजुबान जानवरों पर रंग नहीं डालना चाहिए। वृद्ध, बीमार, बच्चों, यात्रियों पर जबरन रंग नहीं डालें/ लगाएं।






