भावुक वातावरण में मां दुर्गा की प्रतिमाओं का विसर्जन -पं०भरत उपाध्याय
विजय कुमार शर्मा बगहा पश्चिम चंपारण, बिहार
मधुबनी, पूर्व प्राचार्य पं०भरत उपाध्याय ने गंडक पार के चारों प्रखंडो का भ्रमण कर बताया कि आस्था, श्रद्धा और विश्वास की प्रतीक मां दुर्गा की प्रतिमाओं का विसर्जन भावुक वातावरण में उत्साह पूर्वक किया गया। उन्होंने कहा कि
भारत की पहचान यहां की संस्कृति से है।इसमें धर्म के प्रति संवेदना , उत्साह , त्याग , अनुष्ठान , संकल्प और विजय के रूप में देखने को मिलता है। हमारे देश में भूमि , गौ और गंगा को मां स्वरूप माना गया है अर्थात जिस प्रकार मां अपने बच्चों का पालन और संरक्षण करती हैं , उसी प्रकार यह तीनों भी हमारा पालन और संरक्षण करती हैं।

हमारे देश का मान यानी “तिरंगा” एक ऐसा प्रतीक है जो कि सबका एक समान पहचान और सम्मान है। हमारे देश का संविधान हमारा मंदिर स्वरूप है, जिस प्रकार मंदिर में हमारे हितों की रक्षा होती है, उसी प्रकार संविधान हमारे हितों की रक्षा करता है।
मां , मान और संविधान इनकी रक्षा करना यही आज का धर्म है। इस अवसर पर हम सभी को इसका संकल्प लेना चाहिए।
