मूर्ति विसर्जन के दौरान गिरा महंगा मोबाइल, युवक ने लौटाकर पेश की ईमानदारी की मिसाल
विजय कुमार शर्मा बगहा पश्चिम चंपारण, बिहार
बगहा। दशहरा पर्व के उल्लास के बीच एक युवक ने अपनी ईमानदारी से लोगों का दिल जीत लिया। मूर्ति विसर्जन के दौरान भीड़ में गिरे एक महंगे मोबाइल फोन को युवक ने उसके असली मालिक तक पहुंचाकर मानवता और ईमानदारी की मिसाल पेश की। मिली जानकारी के अनुसार, बुधवार की रात पश्चिम बंगाल में मां दुर्गा की प्रतिमा विसर्जन का कार्यक्रम चल रहा था। इस दौरान हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी हुई थी। इसी बीच बगहा निवासी मनोज बीन का मोबाइल फोन भीड़ में कहीं गिर गया। काफी खोजबीन के बावजूद जब मोबाइल नहीं मिला, तो वे निराश होकर अपनी गाड़ी की ओर लौट गए। इसी दौरान जुलूस में मौजूद उलुबेरिया पार्किंग निवासी सौरभ गौरवी की नजर सड़क पर गिरे मोबाइल फोन पर पड़ी। उन्होंने मोबाइल उठाया और उसे चालू रखा, ताकि फोन आने पर उसके मालिक का पता लगाया जा सके। मोबाइल पर आने वाली कॉल के माध्यम से उन्होंने फोन के मालिक की पहचान की। इसके बाद गुरुवार को सौरभ गौरवी ने मोबाइल फोन उसके मालिक मनोज बीन को सकुशल वापस लौटा दिया। खोया हुआ फोन वापस मिलने पर मनोज बीन की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। उन्होंने युवक का आभार जताते हुए उसे इनाम देने की कोशिश की, लेकिन सौरभ ने इनाम लेने से इनकार कर दिया।

युवक के इस सराहनीय कदम की चर्चा इलाके में हो रही है। स्थानीय लोगों ने उसकी ईमानदारी की प्रशंसा करते हुए कहा कि आज के दौर में जब लोग छोटी-छोटी चीजों के लिए भी गलत रास्ता अपना लेते हैं, ऐसे में सौरभ गौरवी जैसे युवाओं का व्यवहार समाज के लिए प्रेरणादायक है। सौरभ गौरवी ने साबित कर दिया कि ईमानदारी और इंसानियत आज भी जिंदा है। उनका यह कार्य दूसरों को भी दूसरों की खोई हुई वस्तुएं सही व्यक्ति तक पहुंचाने की प्रेरणा देता है।
