विजय कुमार शर्मा बगहा पश्चिम चंपारण, बिहार
बगहा। भारत-नेपाल सीमा पर मानव तस्करी की रोकथाम एवं प्रभावी पहचान को लेकर SSB 21वीं वाहिनी, बगहा में दो दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ किया गया। कार्यशाला का आयोजन वाहिनी के कमांडेंट श्री तपेश्वर संबित राउत के कुशल नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में किया गया। कार्यशाला का विषय “मानव तस्करी की पहचान, रोकथाम, सामुदायिक जुड़ाव और इसमें एसएसबी की भूमिका” रखा गया। कार्यशाला के शुभारंभ अवसर पर कमांडेंट श्री तपेश्वर संबित राउत ने जवानों को सीमा क्षेत्र में मानव तस्करी के बदलते तौर-तरीकों के प्रति सतर्क रहने की आवश्यकता बताई। उन्होंने जवानों को मानवीय दृष्टिकोण के साथ कार्य करते हुए संदिग्ध गतिविधियों की पहचान करने और संभावित पीड़ितों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने के लिए प्रेरित किया।

कार्यशाला का संचालन जनशक्ति फाउंडेशन, बगहा की संस्थापिका श्रीमती लक्ष्मी खत्री ने किया। इस दौरान पॉवर प्वाइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से मानव तस्करी के विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी गई। वास्तविक घटनाओं एवं कहानियों पर आधारित अनुभव साझा करने के साथ-साथ जवानों को रोल प्ले गतिविधियों के माध्यम से व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया गया। कार्यशाला में समाजसेवी एवं वरिष्ठ नागरिकों ने भी सहभागिता की। इनमें बड़गांव की समाजसेवी श्रीमती सुषमा सिंह, बगहा के समाजसेवी श्री निपु पाठक, वरिष्ठ पत्रकार श्री माधवेंद्र पांडे तथा जनशक्ति फाउंडेशन की संस्थापिका श्रीमती लक्ष्मी खत्री प्रमुख रूप से शामिल रहे।

प्रशिक्षण के दौरान “भ्रम बनाम वास्तविकता”, पूछताछ के समय बरती जाने वाली सावधानियां, पीड़ित की पहचान की गोपनीयता बनाए रखने तथा रेस्क्यू के बाद अपनाई जाने वाली कानूनी प्रक्रिया की विस्तार से जानकारी दी गई। कार्यशाला के दूसरे दिन मानव तस्करी से जुड़े स्थानीय एवं राज्य स्तरीय एजेंसियों, जिला प्रशासन, पुलिस के मानव तस्करी निरोधी दस्ता (AHTU), बाल संरक्षण इकाई सहित अन्य सहयोगी एजेंसियों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। इसका उद्देश्य सीमा क्षेत्र में मानव तस्करी की रोकथाम तथा रेस्क्यू के बाद विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना है।






