ग्रामीणों ने युवक-युवती को पकड़कर परिजनों को दी सूचना, बाल विवाह को लेकर उठे गंभीर सवाल
विजय कुमार शर्मा बगहा पश्चिम चंपारण, बिहार
बगहा। पश्चिम चंपारण जिले के बगहा में पकड़उवा विवाह का मामला सामने आने के बाद क्षेत्र में चर्चाओं का बाजार गर्म है। बगहा प्रखंड-1 अंतर्गत चखनी राजवटिया पंचायत के सीता टोला निवासी करीब 18 वर्षीय युवक और भैरोगंज थाना क्षेत्र के बांसगांव परसौनी निवासी करीब 12 वर्षीय नाबालिग लड़की के बीच पूर्व से शादी तय होने की बात सामने आई है। दोनों के बीच पिछले करीब एक वर्ष से प्रेम-प्रसंग होने की बात भी लड़की द्वारा बताई गई है। परिजनों के अनुसार, शादी तय होने के बाद दोनों एक-दूसरे से मिलने-जुलने लगे थे। लड़की के परिजनों का आरोप है कि युवक कई बार उनके घर पहुंचकर लड़की को जबरन अपने साथ ले जाता था। इसी दौरान ग्रामीणों ने दोनों को पकड़ लिया और इसकी सूचना दोनों के परिजनों को दी।लड़की की मां ने बताया कि उन्होंने अपनी बेटी की शादी युवक के साथ तय की थी, लेकिन शादी से पहले ही युवक के बार-बार घर पहुंचने और लड़की को साथ ले जाने को लेकर परिवार परेशान था। ग्रामीणों द्वारा दोनों को पकड़े जाने के बाद परिवार ने सामाजिक दबाव और शर्मिंदगी के कारण गांव के एक मंदिर में दोनों की शादी करा दी।

वहीं, युवक के परिजनों का कहना है कि घटना की जानकारी मिलने के बाद वे मौके पर पहुंचे और लड़की के परिजनों से शादी करने की बात कही। युवक के भाई के अनुसार, घर में निर्माण कार्य चल रहा है और फिलहाल युवक को रखने की उचित व्यवस्था नहीं है। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद और हंगामा भी हुआ। मामले में सबसे गंभीर सवाल 12 वर्षीय नाबालिग की शादी को लेकर उठ रहा है। भारत में 18 वर्ष से कम उम्र की लड़की का विवाह कानूनन बाल विवाह की श्रेणी में आता है। ऐसे में मंदिर में शादी करा देने से यह विवाह कानूनी रूप से वैध नहीं हो जाता। इसके अलावा, यदि नाबालिग के साथ जबरदस्ती या यौन शोषण के आरोप सही पाए जाते हैं, तो मामला और भी गंभीर कानूनी धाराओं के तहत जांच का विषय बन सकता है। अब देखना यह है कि प्रशासन और पुलिस इस मामले में बाल विवाह तथा नाबालिग से जुड़े आरोपों को लेकर क्या कार्रवाई करती है।






