बाल्मीकि नगर से नन्दलाल पटेल की रिपोर्ट
वाल्मीकि नगर भारत-नेपाल सीमा से सटे सुस्ता क्षेत्र में भूमि विवाद को लेकर उत्पन्न स्थिति के बीच शनिवार को दोनों देशों की सुरक्षा एजेंसियों के अधिकारियों के बीच एक महत्वपूर्ण समन्वय बैठक आयोजित की गई। बैठक में सीमा पर मौजूदा हालात की विस्तृत समीक्षा की गई तथा दोनों पक्षों ने क्षेत्र में शांति, सौहार्द एवं आपसी सहयोग बनाए रखने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। बैठक में सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) की ओर से 65वीं वाहिनी के कमांडेंट नंदन सिंह मेहरा, द्वितीय कमान अधिकारी सुरेश शर्मा तथा रमपुरवा कैंप के कमांडर अवधेश कुमार उपस्थित रहे। वहीं नेपाल की ओर से सशस्त्र पुलिस बल (एपीएफ) के पुलिस अधीक्षक गोविंद बहादुर खत्री (26वीं वाहिनी, नवलपरासी) एवं पोस्ट कमांडेंट इंस्पेक्टर तेज बहादुर बोरा ने भाग लिया। बैठक के दौरान सुस्ता क्षेत्र में गंडक नदी के कटाव से बचाव के लिए ग्रामीणों द्वारा नो-मैन्स लैंड के समीप जेसीबी मशीन और सैंडबैग के माध्यम से किए जा रहे तटबंध सुदृढ़ीकरण कार्य पर भी विस्तार से चर्चा की गई। दोनों पक्षों ने मौजूदा स्थिति को पूरी तरह सामान्य एवं शांतिपूर्ण बताते हुए संतोष व्यक्त किया।

नेपाल एपीएफ के पुलिस अधीक्षक गोविंद बहादुर खत्री ने आश्वासन दिया कि सीमा क्षेत्र में किसी भी प्रकार की गलतफहमी या तनाव की स्थिति उत्पन्न नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने कहा कि भारत-नेपाल सीमा पर शांति और सौहार्द बनाए रखने के लिए नेपाल एपीएफ का सहयोग आगे भी निरंतर जारी रहेगा। वहीं एसएसबी कमांडेंट नंदन सिंह मेहरा ने नेपाल एपीएफ की सकारात्मक पहल की सराहना करते हुए कहा कि सीमा सुरक्षा बलों की सबसे बड़ी जिम्मेदारी आपसी समन्वय बनाए रखना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सीमा से जुड़े किसी भी विवाद का समाधान संवाद, संयम और सहयोग के माध्यम से ही संभव है, न कि टकराव या तानाशाही से। बैठक के अंत में दोनों देशों के अधिकारियों ने भविष्य में भी नियमित समन्वय एवं संवाद बनाए रखने पर सहमति जताई, ताकि सीमा क्षेत्र में शांति और स्थिरता कायम रह सके।






