विजय कुमार शर्मा बगहा पश्चिम चंपारण, बिहार
मधुबनी,पर्यावरण विद पण्डित भरत उपाध्याय गुरु जी की प्रेरणा से श्रीमद भागवत कथा के बीच में पर्यावरण संरक्षण एवं विकास के लिए जीवन महोत्सव में प्राण वायु की महत्ता की चर्चा करते हुए ,वाराणसी से पधारे कथा प्रवाचक आचार्य नीरज कुमार शाण्डिल्य ने ध्रुव की कथा से जोड़ते हुए बताया कि ध्रुव जी,वृक्ष के नीचे बैठकर ही तपस्या कर रहे थे। जिससे जब सभी चराचर देवताओं के प्राण वायु बन्द हो गए, तब सभी लोग ब्रह्मा जी के पास गए, उनकी भी प्राण वायु बन्द हो रही थी ।उन्हें भी श्वांस लेने में समस्या हो रही थी, सभी जगत् के पालक विष्णु जी के पास पहुंचे, उन्होंने ध्यान लगाया और देखा ध्रुव भक्त की तपस्या से ये सब हो रहा है। सभी को भगवान दर्शन देने जातें हैं परन्तु यहां स्वयं दर्शन करने जा रहे हैं।

यह प्रेरक व भाव विभोर कर देने वाले प्रसंग सुनाकर,कथा के मध्य में यजमान परिवार के साथ आम्र वृक्ष का रोपण भी कराया। इस अवसर पर यज्ञाचार्य ऋषिकेश मणि तिवारी जी, बृंदावन से पधारे अरविन्द जी महाराज,, यजमान प्रधानाध्यापक मध्य विद्यालय दहवा, मधुबनी संजय त्रिपाठी जी की माता उर्मिला देवी जी, भ्राता संतोष तिवारी सपत्नीक एवम् दिनेश दीक्षित वकील साहब, आदि अन्य भक्त गण उपस्थित रहे।। इस अनुकरणीय प्रेरणादाई कार्य के लिए उपाध्याय गुरु जी ने कथा प्रवाचक को अनन्त आशीर्वाद से अभिसिंचित किया।






