Wednesday, May 6, 2026
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बगहा में बढ़ई समाज की एकजुटता पर जोर, ज्ञानी जैल सिंह की जयंती पर आयोजित हुआ भव्य कार्यक्रम

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विजय कुमार शर्मा बगहा पश्चिम चंपारण, बिहार

बगहा। शहर के आरती होटल के सभागार में मंगलवार को भारत के पूर्व राष्ट्रपति ज्ञानी जैल सिंह की 110वीं जयंती के अवसर पर बढ़ई समाज की एकजुटता को लेकर एक भव्य एवं विचारोत्तेजक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व शिक्षक घनश्याम शर्मा, बिजेंद्र शर्मा, पत्रकार विजय कुमार शर्मा तथा प्रदीप शर्मा द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। आयोजन में क्षेत्र के विभिन्न हिस्सों से बड़ी संख्या में समाज के लोग शामिल हुए।

कार्यक्रम का शुभारंभ पटना उच्च न्यायालय के वरीय अधिवक्ता शिव सागर शर्मा, केंद्रीय विश्वविद्यालय मोतिहारी के प्रोफेसर अमिताभ रंजन शर्मा, पूर्व सैनिक सह अखिल भारतीय बढ़ई महासभा के प्रदेश उपाध्यक्ष रमाकांत शर्मा (अरेराज), अधिवक्ता सह उपसभापति सुगौली विकास कुमार शर्मा, नेशनल न्यूज के पत्रकार एवं बढ़ई महासंघ ट्रस्ट के अध्यक्ष श्रीराम शर्मा (देवरिया) तथा नारी शक्ति की सोशल वर्कर ममता शर्मा द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। कार्यक्रम का संचालन समाजसेवी सह शिक्षक रमेश शर्मा ने कुशलतापूर्वक किया।

इस अवसर पर सभी अतिथियों का पुष्पगुच्छ एवं अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने बढ़ई समाज के लोगों से एकजुट रहने, अपने अधिकारों के प्रति जागरूक बनने तथा सामाजिक, शैक्षणिक और आर्थिक रूप से सशक्त होने की अपील की। उन्होंने कहा कि जब तक समाज संगठित नहीं होगा, तब तक विकास की गति अपेक्षित स्तर तक नहीं पहुंच पाएगी।

वक्ताओं ने अपने संबोधन में समाज के युवाओं को शिक्षा के प्रति जागरूक होने, तकनीकी कौशल विकसित करने तथा आत्मनिर्भर बनने पर विशेष बल दिया। साथ ही यह भी कहा कि वर्तमान समय में सामाजिक समरसता और आपसी सहयोग की भावना ही समाज को आगे बढ़ाने में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन समाज में नई ऊर्जा का संचार करते हैं और लोगों को अपने अधिकारों एवं पहचान के प्रति सजग बनाते हैं।

कार्यक्रम में उपस्थित बुद्धिजीवियों, युवाओं एवं वरिष्ठ नागरिकों ने भी अपने विचार साझा करते हुए समाज की एकता को सर्वोपरि बताया। उन्होंने कहा कि आपसी मतभेदों को भुलाकर एक मंच पर आना ही समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। तभी समाज सशक्त और संगठित बन सकेगा।

कार्यक्रम के अंत में ज्ञानी जैल सिंह की जयंती के अवसर पर केक काटकर हर्षोल्लास के साथ उत्सव मनाया गया। इस दौरान उपस्थित लोगों ने आयोजन की सराहना करते हुए भविष्य में भी इस प्रकार के सामाजिक जागरूकता कार्यक्रमों को निरंतर जारी रखने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में दूर-दराज से आए सैकड़ों लोगों की उपस्थिति ने इसे एक सफल और यादगार आयोजन बना दिया।

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