विजय कुमार शर्मा बगहा पश्चिम चंपारण, बिहार
बेतिया अंचल क्षेत्र अंतर्गत चेक पोस्ट पर वर्षों से दुकान एवं मकान बनाकर जीविका चला रहे दर्जनों दुकानदारों ने रविवार को एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की। बैठक की अध्यक्षता राजकुमार ने की, जिसमें दुकानदारों ने अपनी समस्याओं और आशंकाओं को प्रमुखता से उठाया। बैठक में उपस्थित दुकानदारों ने बताया कि वे लोग पिछले कई दशकों, यहां तक कि लगभग 80 वर्षों से उक्त भूमि पर दुकान एवं मकान बनाकर अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहे हैं। उनका कहना है कि उनकी जीविका का एकमात्र साधन यही दुकानें हैं। बावजूद इसके, प्रशासन द्वारा उक्त भूमि को “बेतिया राज” की संपत्ति बताते हुए कार्रवाई की बात कही जा रही है, जिससे दुकानदारों के बीच भय का माहौल बना हुआ है। दुकानदारों के अनुसार, जिस भूमि पर उनकी दुकानें स्थित हैं, उसका खाता नंबर 44, खेसरा संख्या 151 एवं थाना नंबर 132 है। यह भूमि ‘मलिक गैरमजरुआ’ श्रेणी में आती है, जिसके संबंध में बेतिया अंचल कार्यालय से निर्गत दस्तावेज भी उनके पास उपलब्ध हैं। इस मामले को लेकर वर्ष 2019 में पटना हाई कोर्ट में वाद संख्या 1219/2019 के तहत याचिका दायर की गई थी, जो अभी न्यायालय में लंबित है। दुकानदारों का दावा है कि न्यायालय द्वारा पूर्व में यथास्थिति बनाए रखने का आदेश भी दिया गया है।

इसके बावजूद प्रशासन द्वारा दुकानों और मकानों पर कार्रवाई की बात से दुकानदारों में गहरी चिंता व्याप्त है। उनका कहना है कि यदि उन्हें यहां से हटाया गया, तो वे पूरी तरह बेघर और बेरोजगार हो जाएंगे तथा उनके परिवार के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो जाएगा। दुकानदारों ने सरकार से मांग की है कि संविधान में वर्णित प्रावधानों के तहत वर्षों से बसे बेसहारा लोगों को कम से कम दो डिसमिल जमीन उपलब्ध कराई जाए। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि यदि सरकार राजस्व लेना चाहती है तो वे इसके लिए भी तैयार हैं, लेकिन उन्हें उजाड़ा न जाए। गौरतलब है कि उक्त दुकानों के पीछे खाली भूमि पर सरकार की विभिन्न योजनाओं के तहत पानी टंकी सहित अन्य विकास कार्य भी कराए जा रहे हैं। वहीं, सड़क चौड़ीकरण के कार्य में भी दुकानदार प्रशासन का सहयोग कर रहे हैं। ऐसे में दुकानदारों ने सवाल उठाया कि जब जनता ही विस्थापित हो जाएगी, तो विकास योजनाओं का लाभ किसे मिलेगा। इस संबंध में दुकानदारों ने जिला पदाधिकारी, बिहार सरकार के राजस्व मंत्री, बेतिया विधायक एवं अन्य संबंधित अधिकारियों को आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई है। बैठक में संजय तिवारी, जटाशंकर, चंडी साह, जितेंद्र राय, जयचंद्र प्रसाद, घनश्याम, विनोद, उमेश, रामराज प्रसाद सहित कई दुकानदार उपस्थित रहे।






