जिलाधिकारी, कृषि पदाधिकारी, एवं सांसद विधायक को आवेदन देकर फसल क्षति का आकलन कराने और मुआवजा दिलाने की उठी मांग।

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विजय कुमार शर्मा बगहा पश्चिम चंपारण, बिहार

पश्चिम चंपारण जिला के बगहा क्षेत्र के गंडक नदी में नेपाल से आई बाढ़ के उफान से सितंबर के अंतिम सप्ताह में हुई अत्यधिक बारिश के कारण प्रखण्ड बगहा एक अंतर्गत चखनी राजवटिया पंचायत क्षेत्र में किसानों को भारी नुकसान हुआ है। जिनका दावा है कि बाढ़ और अतिवृष्टि से उनकी धान की फसल लगभग 80 से 90 प्रतिशत तक बर्बाद होने की बात सामने आई है जिसको लेकर किसानों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है और अगली खेती करना भी मुश्किल माना जा रहा है। इस संबंध में रजवटिया गांव के ग्रामीणों ने जिला कृषि पदाधिकारी, पश्चिम चंपारण, बेतिया को आवेदन देकर फसल क्षति का आकलन कराने और उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है।

बतादें की रजवटिया गांव गंडक नदी के किनारे बसा है। ग्रामीणों ने बताया कि यह क्षेत्र राजस्व ग्राम रजवटिया के चादर संख्या 01 से 06 के अंतर्गत आता है। यहां के किसान नियमित रूप से राजस्व मालगुजारी भी जमा करते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि धान की फसल बर्बाद होने से उनकी पूरे साल की मेहनत पर पानी फिर गया है। फसल क्षति के कारण किसानों की आर्थिक स्थिति प्रभावित हुई है। अब उनके सामने अगली फसल की बुआई के लिए पूंजी जुटाने की चुनौती है। आवेदन के माध्यम से ग्रामीणों ने जिला कृषि पदाधिकारी से अपने स्तर पर जांच-पड़ताल कराकर वास्तविक फसल क्षति का आकलन कराने तथा नियमानुसार उचित मुआवजा उपलब्ध कराने की मांग की है, ताकि प्रभावित किसानों को राहत मिल सके। इस आवेदन की प्रतिलिपि जिला पदाधिकारी तरन जोत सिंह बेतिया; बगहा विधानसभा के संबंधित विधायक रामसिंह एवं बिहार आपदा प्रबंधन विभाग के सचिव, पटना; तथा वाल्मीकिनगर के सांसद सुनील कुशवाहा को भी भेजे जाने का उल्लेख किया गया है। आवेदन पर पंचायत समिति सदस्य और वार्ड पार्षद सहित स्थानीय जनप्रतिनिधियों का भी उल्लेख है। अब प्रभावित किसानों को प्रशासनिक जांच और मुआवजे की कार्रवाई का इंतजार है।

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