लौरिया में शवदाह गृह नहीं, नदी की धारा पर निर्भर अंतिम संस्कार
नगर पंचायत क्षेत्र में पानी और अन्य सुविधाएं भी नदारद, प्रशासन से पहल की मांग
आशीष पाण्डेय लौरिया पश्चिम चंपारण, बिहार
लौरिया में शवदाह गृह का अभाव स्थानीय लोगों के लिए गंभीर समस्या बना हुआ है। नगर पंचायत का दर्जा मिलने के बाद भी इस दिशा में स्थायी व्यवस्था नहीं हो सकी है। इससे नगर पंचायत क्षेत्र के साथ आसपास की पंचायतों के लोगों को भी अंतिम संस्कार के दौरान परेशानियों का सामना करना पड़ता है। सिकरहना नदी पुल के समीप लोग अपने परिजनों का दाह-संस्कार करते हैं। निर्धारित शवदाह स्थल नहीं होने से नदी की धारा और जलस्तर के अनुरूप जगह चुननी पड़ती है। बरसात में नदी का जलस्तर बढ़ने से उपयुक्त स्थान तलाशना कठिन हो जाता है। वहीं, सामान्य दिनों में भी पानी और अन्य आवश्यक सुविधाओं की कमी बनी रहती है।

स्थानीय निवासी रामबाबू प्रसाद जायसवाल, राहुल कुमार, धर्मेन्द्र कुमार, विशाल पाठक, चंदन ठाकुर, डिंपल सिंह, संजय कुमार, राजा गुप्ता और विकास कुमार सहित अन्य लोगों ने नगर प्रशासन और जिला प्रशासन से शीघ्र शवदाह गृह निर्माण कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यह आम नागरिकों की बुनियादी जरूरत है। स्थायी व्यवस्था होने से लोगों को सभी मौसमों में अंतिम संस्कार के लिए बेहतर सुविधा मिल सकेगी।
