अशोक विजयदशमी पर धम्म दीक्षा, बुद्ध के संदेशों पर दिया जोर
आशीष पाण्डेय लौरिया पश्चिम चंपारण, बिहार
लौरिया। अशोक विजयदशमी के अवसर पर सम्राट अशोक सेना भारत और भारतीय बौद्ध महासभा, पश्चिम चंपारण के संयुक्त तत्वावधान में नंदनगढ़ में 2287वां धम्म दीक्षा समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में करीब 100 लोगों ने भाग लेकर भगवान बुद्ध के विचारों को अपनाने और सामाजिक समानता को मजबूत करने का संकल्प लिया। समारोह की संयुक्त अध्यक्षता सम्राट अशोक सेना के जिलाध्यक्ष भरत प्रसाद बौद्ध और नंदलाल बौद्ध ने की। कुशीनगर से पहुंचे भंते अश्वघोष महाराज ने अनुयायियों को 22 प्रतिज्ञाओं की दीक्षा दिलाई। साथ ही अष्टांगिक मार्ग के महत्व को समझाया। भंते एमके राजन ने शील, समाधि और प्रज्ञा को जीवन में अपनाने की आवश्यकता बताई।

वक्ताओं ने बुद्ध के शांति, करुणा, समानता और मानवता के संदेशों को जन-जन तक पहुंचाने पर बल दिया। कार्यक्रम का संचालन करते हुए विनय कुशवाहा ने सामाजिक एकता और धम्म के विचारों के प्रसार पर अपने विचार रखे। विशेष अतिथि उषा बौद्ध ने महिला सशक्तीकरण में डॉ. भीमराव आंबेडकर के योगदान को रेखांकित किया।वहीं, विजय कश्यप ने अशोक विजयदशमी के ऐतिहासिक महत्व, रामदास बौद्ध ने पंचशील के सिद्धांतों और डॉ. पूरी ने सामाजिक समानता एवं भाईचारे पर प्रकाश डाला। डॉ. राजीव ने भारत के प्राचीन इतिहास पर विचार रखे। मौके पर चंद्रिका बौद्ध, रविंद्र सिंह बौद्ध, विनय मौर्य सहित अन्य लोग उपस्थित रहे। समारोह के अंत में प्रतिभागियों के बीच खीर का प्रसाद वितरित किया गया।
