विजय कुमार शर्मा बगहा पश्चिम चंपारण, बिहार
गंडक नदी के बढ़ते जलस्तर और बाढ़ की स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने आज पूर्वी चंपारण और गोपालगंज जिले के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण किया। इस दौरान उन्होंने डुमरिया घाट पहुंचकर गंडक नदी के बढ़े हुए जलस्तर का स्थल निरीक्षण किया और अधिकारियों से वर्तमान स्थिति की जानकारी ली।
डुमरिया घाट पर अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को गंडक नदी के जलस्तर की स्थिति से अवगत कराया। अधिकारियों के अनुसार डुमरिया घाट के समीप गंडक का जलस्तर खतरे के निशान से करीब डेढ़ मीटर ऊपर पहुंच गया है। रात के दौरान जलस्तर में लगभग 50 सेंटीमीटर और वृद्धि की संभावना जताई गई।
मुख्यमंत्री ने बाढ़ की स्थिति को देखते हुए संवेदनशील एवं निचले इलाकों की लगातार निगरानी करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि राहत एवं बचाव कार्यों में किसी प्रकार की शिथिलता नहीं होनी चाहिए तथा प्रभावित लोगों तक आवश्यक सुविधाएं समय पर पहुंचाई जाएं। प्रशासन को पूरी संवेदनशीलता के साथ लोगों के बीच रहकर राहत एवं बचाव कार्यों को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया गया।

मुख्यमंत्री ने जल संसाधन विभाग को तटबंधों की सतत निगरानी करने और आवश्यक सतर्कता बरतने को कहा। साथ ही तटबंधों की सुरक्षा के लिए नाइट पेट्रोलिंग सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों में जिला प्रशासन, एसडीआरएफ और एनडीआरएफ के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर आवश्यकता के अनुरूप त्वरित कार्रवाई करने को कहा।
साथ ही बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत शिविर एवं सामुदायिक रसोई के माध्यम से प्रभावित लोगों को भोजन और अन्य आवश्यक राहत उपलब्ध कराने का भी निर्देश दिया गया।
निरीक्षण के दौरान उप मुख्यमंत्री सह जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी, सांसद राधामोहन सिंह, विधायक कृष्णनंदन पासवान, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, जल संसाधन विभाग के सचिव डॉ. चन्द्रशेखर सिंह, पूर्वी चंपारण के जिलाधिकारी सौरभ सुमन यादव, गोपालगंज के जिलाधिकारी समीर सौरभ, पूर्वी चंपारण के एसपी स्वर्ण प्रभात, गोपालगंज के एसपी विनय तिवारी समेत अन्य वरीय अधिकारी मौजूद रहे।






