आशीष पाण्डेय लौरिया पश्चिम चंपारण, बिहार
बेतिया अंचल में बेतिया राज की करीब छह एकड़ भूमि का कथित रूप से अभिलेखीय हेरफेर कर परिमार्जन के माध्यम से जमाबंदी कायम किए जाने का मामला सामने आया है। जिलाधिकारी तरनजोत सिंह के संज्ञान में प्रकरण आने के बाद जांच समिति गठित की गई है। इसके साथ ही अंचल कार्यालय में संबंधित अभिलेखों के पुनरीक्षण एवं दुरुस्तीकरण की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
प्रकरण पूर्वी करगहिया मौजा की जमाबंदी संख्या 105 से संबंधित बताया जा रहा है। उपलब्ध अभिलेखों के अनुसार, मैनुअल रजिस्टर-2 में उक्त जमाबंदी दर्ज है। आरोप है कि बाद में उसकी वेब कॉपी में हस्तलिखित तरीके से विभिन्न खाता-खेसरा अंकित किए गए और अगस्त में परिमार्जन के जरिए करीब छह एकड़ भूमि का विवरण जोड़कर जमाबंदी कायम की गई।
डीएम के संज्ञान में आने के बाद ऑनलाइन अभिलेख में संबंधित खाता-खेसरा को शून्य कर दिया गया है। हालांकि, रिकॉर्ड में कुल रकबा अब भी 53 डिसमिल प्रदर्शित हो रहा है। जांच पूरी होने के बाद ही अनियमितता के स्तर और उत्तरदायित्व का निर्धारण हो सकेगा।






