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जीवन में संस्कार अनुशासन और परिश्रम सफलता के मूल मंत्र।

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अनिल कुमार शर्मा मझौलिया पश्चिम चंपारण।


रामेश्वर दयाल मध्य विद्यालय मझौलिया में सफलता के मूल मंत्र विषयक पर एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। जिसमें शिक्षको और छात्र-छात्राओं ने विषयक संबंधी अपने-अपने विचार व्यक्त किया।
प्रभारी प्रधानाध्यापक संजय पांडे ने कहा कि जीवन में अनुशासन परिश्रम और संस्कार अत्यंत जरूरी है। छात्रों के लिए सफलता के मूल मंत्र है।
छात्रों को नियमित रूप से विद्या ग्रहण करने का प्रयास करते रहना चाहिए। मानव जीवन में संस्कार और अनुशासन प्राण वायु के समान होते हैं।
संगोष्ठी का संचालन कर रहे शिक्षक सह पत्रकार अनिल कुमार शर्मा ने कहा कि जिस प्रकार जीवित रहने के लिए ऑक्सीजन जल भोजन वस्त्र आवास अत्यंत जरूरी है ठीक उसी तरह संस्कार सभ्यता अनुशासन कर्तव्य निष्ठा परिश्रम लगनशीलता और ईमानदारी भी जरूरी है। जिस प्रकार शिक्षा से वंचित मनुष्य पशु के समान माना जाता है ठीक उसी प्रकार संस्कार और अनुशासन से वंचित मनुष्य समाज में उचित मान सम्मान नहीं प्राप्त करता है और चारों तरफ उसका उपहास उड़ाया जाता है।

छात्र जीवन में संस्कार सभ्यता अनुशासन आदि अमृत के समान होते हैं। जिसके अंतर्गत अनुपालन करते हुए छात्र जीवन में सफल होता है।
प्रिया कुमारी रुचि कुमारी रुखसार परवीन आदित्य कुमार आयुष कुमार संध्या कुमारी नैंसी कुमारी आदि छात्रों ने भी संस्कार और अनुशासन को सफल जीवन के लिए अमृत बताया। छात्रों ने कहा कि भारत ऋषि मुनियों साधु संत महात्माओं और महापुरुषों की धरती रही है। सभ्यता संस्कार अनुशासन ईमानदारी सत्यता और अहिंसा की भावना कूट-कूट कर सभी भारतीयों के दिलों में बसी हुई है। सभी को इनका अनुपालन करते हुए जीवन में सफलता प्राप्त करनी चाहिए।
इस अवसर पर नागेंद्र पांडे चंद्रिका प्रसाद अंजुम आरा आलोक कुमार आदि शिक्षकों सहित विद्यालय के छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।

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