ओमप्रकाश की मौत के बाद स्वदेश लाने की प्रक्रिया का इंतजार, परिजनों ने मंत्री से लेकर डीएम तक लगाई गुहार
लौरिया/आशीष पाण्डेय/ पश्चिमी चंपारण बिहार।
छह दिन पहले सऊदी अरब में ओमप्रकाश महतो की मौत हुई, लेकिन अब तक उनका शव पैतृक घर नहीं पहुंच सका है। शव के इंतजार में लौरिया स्थित घर में मातम पसरा है। परिजन लगातार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से संपर्क कर शव भारत मंगाने की पहल तेज कराने की मांग कर रहे हैं।
लौरिया नगर पंचायत के वार्ड छह के यदुवंशी नगर निवासी 40 वर्षीय ओमप्रकाश महतो सऊदी अरब के रियाद में चालक का काम करते थे। परिवार के अनुसार, कुछ दिनों से उनकी तबीयत खराब थी और रियाद के एक अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था। मंगलवार शाम करीब छह बजे भारतीय समयानुसार इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
पिता इंदल महतो के अनुसार, सऊदी अरब में संबंधित अधिकारियों से वीडियो कॉल के जरिए संपर्क हुआ था। शव दिखाए जाने पर उन्होंने ओमप्रकाश की पहचान की। मौत के बाद से उनकी पत्नी, दो पुत्र और एक पुत्री सदमे में हैं।
परिजनों का कहना है कि आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण वे शव को विदेश से भारत लाने की पूरी प्रक्रिया और खर्च स्वयं वहन करने की स्थिति में नहीं हैं। मृतक के पुत्र व सीआरपीएफ जवान विशाल ने प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री से हस्तक्षेप की अपील की है।

पिता इंदल महतो और वार्ड पार्षद प्रतिनिधि बद्री यादव ने कोयला एवं खान राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे, वाल्मीकिनगर सांसद सुनील कुमार कुशवाहा, विधायक विनय बिहारी और जिलाधिकारी से मदद मांगी है। मंत्री की ओर से संबंधित अधिकारियों से बातचीत कर आवश्यक पहल का आश्वासन दिया गया है।






