हिन्दी के अधिकाधिक प्रयोग का लिया संकल्प, किसानों तक तकनीकी जानकारी पहुंचाने पर जोर
अनिल कुमार शर्मा मझौलिया पश्चिम चंपारण, बिहार
माधोपुर। कृषि विज्ञान केंद्र, माधोपुर में शनिवार को हिन्दी दिवस समारोह हर्षोल्लास एवं उत्साह के साथ मनाया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता केंद्र के वरीय वैज्ञानिक एवं प्रधान डॉ. अभिषेक प्रताप सिंह ने की। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर केंद्र के वैज्ञानिकों ने हिन्दी भाषा के ऐतिहासिक महत्व, उपयोगिता एवं वर्तमान प्रासंगिकता पर विस्तार से प्रकाश डाला। कृषि अभियंत्रण के वैज्ञानिक डॉ. चेलपुरी रामलू ने कहा कि हिन्दी जन-जन तक आसानी से पहुंचने वाली भाषा है। वैज्ञानिक लेखों, कार्यालयीन कार्यों एवं किसान उपयोगी साहित्य में हिन्दी के अधिकाधिक प्रयोग से कृषि तकनीक और वैज्ञानिक जानकारी किसानों तक सरलता से पहुंचाई जा सकती है।

फसल उत्पादन वैज्ञानिक डॉ. हर्षा बी.आर. ने कहा कि प्रत्येक वर्ष 14 सितंबर को हिन्दी दिवस मनाया जाता है। इसका उद्देश्य दैनिक जीवन, शिक्षा एवं कार्यालयीन कार्यों में हिन्दी के प्रयोग को बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा कि हिन्दी देश के विभिन्न हिस्सों के लोगों को आपस में जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। केंद्र के प्रधान डॉ. अभिषेक प्रताप सिंह ने सभी कर्मचारियों, प्रशिक्षणार्थियों एवं उपस्थित किसानों को हिन्दी दिवस की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि हिन्दी केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति, संस्कार और राष्ट्रीय एकता से जुड़ी भाषा है। उन्होंने कर्मचारियों से दैनिक कार्यों, पत्राचार एवं शोध कार्यों में हिन्दी के अधिकाधिक प्रयोग का आह्वान किया।

कार्यक्रम के अंत में उपस्थित कर्मियों ने अपने दैनिक कार्यों में हिन्दी का अधिक से अधिक प्रयोग करने का संकल्प लिया। इस अवसर पर विनीत कुमार, कमलेश कुमार, मनोज कुमार, बैजू कुमार, शंभू कुमार सहित केंद्र के अन्य कर्मचारी, प्रशिक्षणार्थी एवं बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।






