विजय कुमार शर्मा बगहा पश्चिम चंपारण, बिहार
मुजफ्फरपुर। गन्नीपुर हनुमान नगर स्थित हनुमान मंदिर परिसर में श्रीकृष्ण भगवान के छठीहार के अवसर पर श्रीकृष्ण भक्ति कार्यक्रम का आयोजन किया गया। अंतर्राष्ट्रीय न्यास स्वरांजलि सेवा संस्थान के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में श्रद्धालुओं ने भजन, सोहर, बधाई और नाम संकीर्तन के माध्यम से भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति की। कार्यक्रम का शुभारंभ अधिवक्ता वीरेंद्र कुमार, मंदिर के पुजारी पप्पू झा, अधिवक्ता मुरारी कुमार, देवेंद्र विद्यार्थी, प्रवीण कुमार, राकेश कुमार उर्फ चुन्नू भैया, हेमंत मल्लिक, डॉ. श्वेता एवं कविता शाही ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। इसके बाद महिलाओं ने समवेत स्वर में पारंपरिक सोहर और बधाई गीत प्रस्तुत किए। डॉ. श्वेता ने भी पारंपरिक भजनों की प्रस्तुति देकर श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। भक्तगण घंटों भक्ति संगीत पर झूमते रहे तथा श्रीकृष्ण भगवान को झूला झुलाने के लिए श्रद्धालुओं में उत्साह देखा गया।

इस दौरान ‘श्रीकृष्ण गोविंद हरे मुरारी, हे नाथ नारायण वासुदेवा’, ‘हरे राम हरे राम, राम राम हरे हरे’ और ‘सीताराम सीताराम सीताराम कहिए’ आदि नाम संकीर्तन किया गया। आयोजकों ने कलियुग में नाम संकीर्तन और आध्यात्मिक साधना के महत्व पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम के दौरान छोटे-छोटे बच्चों के बीच चॉकलेट का वितरण भी किया गया। अधिवक्ता वीरेंद्र कुमार ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण के उपदेशों को जीवन में आत्मसात करने की आवश्यकता है। संस्था की ओर से धार्मिक, आध्यात्मिक और सामाजिक कार्यक्रमों के माध्यम से समाज में सकारात्मक संदेश देने का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बच्चों को नैतिक एवं बौद्धिक शिक्षा संगीतमय अंदाज में प्रदान करना संस्था की सराहनीय पहल है। भक्तों ने संस्था के दैनिक चलंत दरिद्रनारायण भोज कार्यक्रम की भी सराहना की। हनुमान मंदिर प्रबंधन समिति की ओर से संस्था के कलाकारों को अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का संचालन अधिवक्ता वीरेंद्र कुमार ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन अधिवक्ता मुरारी कुमार ने किया। शांति मंत्र के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।

कार्यक्रम को सफल बनाने में पुजारी पप्पू झा, विनोद कुमार, प्रवीण कुमार मिश्रा, अवधेश ठाकुर, शिवनाथ सिंह, गोपाल कृष्ण, परमानंद सिंह, श्याम किशोर मिश्रा, देवेंद्र विद्यार्थी, अंजू देवी, कविता शाही, विमल कुमार सिंह, पुरुषोत्तम कुमार, किरण कुमारी, रंजू कुमारी, लाल साहब, विपिन कुमार एस, गोपाल मीरा एवं आरोही की भूमिका सराहनीय रही।






