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सहारा वृद्धाश्रम में गूंजा श्रीराम कथा का संदेश

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वरिष्ठजनों के बीच आध्यात्मिकता और सकारात्मकता का संचार

विजय कुमार शर्मा बगहा पश्चिम चंपारण, बिहार

बेतिया। बड़ा रमना मैदान स्थित समाज कल्याण विभाग, जिला सामाजिक सुरक्षा कोषांग, पश्चिम चम्पारण के सहारा वृद्धाश्रम में रविवार की संध्या आरोही कला संस्कृति वेलफेयर ट्रस्ट के तत्वावधान में एक दिवसीय श्रीराम कथा एवं कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य वरिष्ठजनों के जीवन में आध्यात्मिक आनंद, सकारात्मकता और उत्साह का संचार करना था।कार्यक्रम का शुभारंभ कथावाचक डॉ. प्रवीण कुमार तिवारी जी महाराज, नगर निगम बेतिया की महापौर गरिमा देवी सिकारिया, उप महापौर गायत्री देवी, अधीक्षक आदित्य मधुकर एवं ट्रस्ट के सचिव प्रभात झा उर्फ चंदन झा ने प्रभु श्रीराम के तैलचित्र पर माल्यार्पण एवं वृक्षारोपण कर किया।

महापौर गरिमा देवी सिकारिया ने वरिष्ठजनों से मुलाकात कर उनका कुशलक्षेम जाना और आश्रम में किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने ऐसे कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित करने तथा भविष्य में सात दिवसीय भागवत कथा कराने का सुझाव दिया। अधीक्षक आदित्य मधुकर ने कहा कि वृद्धाश्रम केवल भोजन, स्वास्थ्य और आवास की व्यवस्था का स्थान नहीं, बल्कि वरिष्ठजनों को सम्मान, अपनापन और खुशी देने का केंद्र भी है। इसी उद्देश्य से आश्रम में समय-समय पर धार्मिक, सांस्कृतिक एवं मनोरंजनात्मक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।

कथावाचक डॉ. प्रवीण तिवारी ने श्रीराम के जीवन को आदर्श बताते हुए कहा कि रामकथा केवल धार्मिक कथा नहीं, बल्कि मर्यादा, त्याग, कर्तव्य और बेहतर जीवन जीने की प्रेरणा है। उन्होंने कहा कि आज के समय में परिवार और समाज में श्रीराम के आदर्शों को अपनाने की आवश्यकता है। ट्रस्ट के सचिव प्रभात झा ने कहा कि वरिष्ठजन समाज की अमूल्य धरोहर हैं और उनकी सेवा के साथ उनके मानसिक एवं सामाजिक आनंद का ध्यान रखना भी जरूरी है।

कार्यक्रम में मदन प्रसाद, खुशी कुमारी, अंजली कुमारी, रौनक कुमार, रविराज शुक्ला, अंकित श्रीवास्तव एवं अंशुमन कुमार ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। वरिष्ठजनों ने श्रद्धापूर्वक श्रीराम कथा का श्रवण किया और प्रस्तुतियों का आनंद लिया। आयोजन ने यह संदेश दिया कि वरिष्ठजनों की देखभाल के साथ उनके भावनात्मक और आध्यात्मिक जीवन को समृद्ध करना भी समाज की जिम्मेदारी है।

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