वाल्मीकि नगर से नंदलाल पटेल की रिपोर्ट
सीमा क्षेत्र में बाढ़ और आपदा की चुनौती से जूझ रहे ग्रामीणों के लिए सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) की 21वीं वाहिनी एक बार फिर मददगार बनकर सामने आई। कमांडेंट तपेश्वर संबित राउत के नेतृत्व में बाढ़ प्रभावित गांवों में राहत अभियान चलाकर जरूरतमंद परिवारों के बीच आवश्यक सामग्री का वितरण किया गया। बगहा और रामनगर के स्वयंसेवी संगठन तथा समाजसेवियों के सहयोग से आयोजित इस अभियान में रोहुआटोला, झंडूटोला, बिन टोला और चकदहवा के सैकड़ों प्रभावित परिवारों को राहत पहुंचाई गई। बाढ़ के कारण जनजीवन प्रभावित होने और दैनिक जरूरतों के सामने खड़ी चुनौतियों को देखते हुए राहत सामग्री में तिरपाल, बाल्टी, मग, टॉर्च लाइट, ब्लीचिंग पाउडर, क्लोरीन की गोलियां, स्वच्छता सामग्री सहित अन्य जरूरी सामान शामिल थे। इन सामग्रियों के वितरण से प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत मिली। राहत अभियान में समाजसेवी राजन गिरी, सतीश वर्मा, डॉ. बीएन तिवारी, निधि राय, दीपेंद्र विक्रम शाह (संस्थापक, संस्कृति फाउंडेशन), ठाकुर अमरेश्वर सिंह, सुषमा सिंह (निदेशक, माधनरंजन किसान उत्पादन संगठन), निपू पाठक ने सहयोग किया।

अभियान के दौरान एसएसबी के अधिकारियों और जवानों ने ग्रामीणों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं। जवानों ने प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का भरोसा दिलाया। साथ ही, जरूरत के अनुसार भविष्य में भी राहत और जनकल्याण से जुड़े प्रयास जारी रखने की बात कही। इस अवसर पर कमांडेंट तपेश्वर संबित राउत ने कहा कि सशस्त्र सीमा बल सिर्फ सीमाओं की सुरक्षा करने वाला बल नहीं, बल्कि संकट की घड़ी में आम नागरिकों का साथी भी है। आपदा के समय पीड़ितों की सेवा करना बल के लिए कर्तव्य के साथ मानवीय जिम्मेदारी भी है। उन्होंने कहा कि प्रयास है कि कोई भी प्रभावित परिवार खुद को अकेला महसूस न करे।
राहत सामग्री पाने वाले ग्रामीणों ने एसएसबी जवानों और सहयोगी समाजसेवियों के प्रति आभार जताया। ग्रामीणों ने कहा कि मुश्किल समय में मिली सहायता उनके लिए काफी महत्वपूर्ण है। इस मानवीय पहल ने सुरक्षा बल और सीमावर्ती ग्रामीणों के बीच विश्वास और आत्मीयता को और मजबूत किया है। सेवा, सुरक्षा और बंधुत्व की भावना के साथ एसएसबी का यह अभियान आपदा के समय सामाजिक सरोकार की मिसाल बनकर सामने आया।






