शादमान शकील हैदर बगहा पश्चिम चंपारण, बिहार
बगहा। नेपाल में आई भीषण बाढ़ और त्रिशूली नदी में हुई तबाही का असर अब गंडक नदी में भी दिखाई दे रहा है। शुक्रवार की सुबह बगहा के कैलाशवा बाबा कुटी स्थान के समीप गंडक नदी में स्थानीय लोगों ने एक शव बहते हुए देखने का दावा किया। नदी में तेज धार के साथ लकड़ी, मलबा और अन्य सामान भी बहता हुआ नजर आया।स्थानीय मछुआरे बोल्स्टर सहनी और अन्य ग्रामीणों ने बताया कि शुक्रवार सुबह करीब 10 बजे गंडक नदी काफी तेज गति से बह रही थी। इसी दौरान बीच नदी में एक व्यक्ति का शव दिखाई दिया। तेज बहाव के कारण शव को तत्काल बाहर नहीं निकाला जा सका।

मछुआरों ने बताया कि नदी की धारा में लगातार लकड़ी और अन्य सामान बहकर आ रहे हैं। यदि कोई शव नदी के किनारे पहुंचता है तो स्थानीय लोग उसे सुरक्षित तरीके से रोककर प्रशासन को सूचना दे रहे हैं, ताकि पुलिस और प्रशासन की टीम आवश्यक कार्रवाई कर सके। नेपाल में हाल ही में आई विनाशकारी बाढ़ और फ्लैश फ्लड में बड़ी संख्या में लोगों की मौत तथा कई लोगों के लापता होने की खबर है। त्रिशूली नदी क्षेत्र में आई इस प्राकृतिक आपदा के बाद मलबे और शवों के नदी के रास्ते भारत की ओर बहकर आने की आशंका बनी हुई है। गंडक नदी में भी नेपाल से आए बाढ़ के पानी का असर देखा गया है। भारतीय सीमा में गंडक नदी से शव बरामद होने की घटनाएं भी सामने आई हैं।

बगहा और पश्चिम चंपारण में प्रशासन पहले से ही गंडक नदी की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार 26 अगस्त की रात गंडक नदी का जलस्तर करीब 1.50 लाख क्यूसेक के पीक स्तर तक पहुंचा था, जिसके बाद पानी में कमी दर्ज की गई, हालांकि कुछ क्षेत्रों में दोबारा वृद्धि भी देखी गई। नदी में शव और मलबा बहने की सूचना से नदी किनारे बसे लोगों में चिंता का माहौल है। प्रशासन द्वारा लोगों से नदी के तेज बहाव से दूर रहने और किसी भी शव अथवा संदिग्ध वस्तु के दिखाई देने पर स्वयं नदी में उतरने के बजाय तत्काल पुलिस या प्रशासन को सूचना देने की अपील की जा रही है।






