पुलिस ने ₹1.5 लाख कैश के साथ दलाल आशा कर्मी और खरीदार को दबोचा
विजय कुमार शर्मा बगहा पश्चिम चंपारण, बिहार
पूर्वी चंपारण जिले से मानवता और ममता को तार-तार कर देने वाली एक बेहद चौंकाने वाली घटना सामने आई है। यहाँ पैसों की लालच में अंधे हो चुके कलयुगी माता-पिता ने अपने ही नवजात शिशु का सौदा कर डाला। हालांकि, पुलिस ने इस घिनौने काम का भंडाफोड़ करते हुए त्वरित कार्रवाई की है। पुलिस टीम ने नवजात बच्चे को पूरी तरह सुरक्षित बरामद कर लिया है। साथ ही, बच्चे की खरीद-बिक्री में शामिल उसके माता-पिता, बच्चा खरीदने वाले और इस पूरे सौदे की मुख्य दलाल बनी एक ग्रामीण आशा कर्मी को रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने सौदे के नगद ₹1,500,000 (डेढ़ लाख रुपये) भी जब्त किए हैं।मिली शुरुआती जानकारी के अनुसार, नवजात बच्चे के जन्म के बाद माता-पिता ने उसे बेचने की योजना बनाई थी। इस घिनौने काम में बिचौलिए और मुख्य दलाल की भूमिका स्थानीय स्वास्थ्य तंत्र से जुड़ी एक ग्रामीण आशा कर्मी ने निभाई। आशा कर्मी ने मोटी कमीशन के लालच में बच्चा चाहने वाले एक खरीदार परिवार को ढूंढा और नवजात शिशु की कीमत ₹1.5 लाख तय कराई। डील पक्की होने के बाद गुप्त रूप से बच्चे को पैसों के बदले सौंप भी दिया गया था।

इस अवैध मानव तस्करी और बच्चे की खरीद-बिक्री की गुप्त सूचना मिलते ही स्थानीय थाना पुलिस की विशेष टीम ने बिना समय गंवाए ताबड़तोड़ छापेमारी की। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए नवजात शिशु को खरीदार के चंगुल से सकुशल और पूरी तरह सुरक्षित बरामद कर लिया, जिसे उचित देखरेख के लिए बाल संरक्षण इकाई को सौंपा जा रहा है। इसके साथ ही, पुलिस ने छापेमारी के दौरान बच्चे की बिक्री के एवज में लेनदेन किए गए ₹1,50,000 की पूरी नगद राशि को मौके पर ही साक्ष्य के रूप में जब्त कर लिया। पुलिस ने इन सभी के खिलाफ गंभीर एवं सुसंगत धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली है। पुलिस गिरोह के अन्य कड़ियों को भी खंगाल रही है कि कहीं यह आशा कर्मी पहले भी इस तरह के रैकेट में शामिल तो नहीं रही है। सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजने की अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है।






