विजय कुमार शर्मा बगहा पश्चिम चंपारण, बिहार
श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण विभाग, बिहार के निर्देश पर आज सुगौली प्रखंड क्षेत्र में बाल श्रम के खिलाफ विशेष धावा अभियान चलाया गया। श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी, सुगौली के नेतृत्व में गठित विशेष धावा दल ने विभिन्न प्रतिष्ठानों में सघन जांच की। इस दौरान दो प्रतिष्ठानों से कुल तीन बाल श्रमिकों को मुक्त कराया गया। जांच के क्रम में आयांश ऑटो मोबाइल रिपेयरिंग से दो तथा सरोज मोटर साइकिल सर्विस से एक बाल श्रमिक को मुक्त कराया गया। सभी मुक्त बाल श्रमिकों को बाल कल्याण समिति, पूर्वी चंपारण, मोतिहारी के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां से उन्हें बाल गृह में रखा गया है। श्रम विभाग की ओर से बताया गया कि बाल एवं किशोर श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम, 1986 के तहत बाल श्रमिकों से काम कराने वाले संबंधित नियोजकों के विरुद्ध थाने में प्राथमिकी दर्ज कराने की कार्रवाई की जा रही है।

इसके अलावा माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश के आलोक में प्रत्येक बाल श्रमिक के लिए नियोजक से 20 हजार रुपये की राशि की वसूली भी की जाएगी। श्रम अधीक्षक सत्या प्रकाश ने कहा कि बच्चों से किसी भी प्रतिष्ठान में काम कराना कानूनन अपराध है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बाल श्रम के खिलाफ पूर्वी चंपारण जिले में अभियान लगातार जारी रहेगा। अधिनियम के तहत दोषी नियोजकों के लिए 20 हजार से 50 हजार रुपये तक जुर्माना तथा दो वर्ष तक के कारावास का प्रावधान है। विशेष धावा दल में श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी, सुगौली, पहाड़पुर, हरसिद्धि एवं रक्सौल के अलावा प्रयास संस्था, डंकन हॉस्पिटल रक्सौल, ग्राम नियोजन केंद्र के प्रतिनिधि, पुलिस लाइन के सात पुलिसकर्मी तथा एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट की टीम शामिल रही।






