अनिल कुमार शर्मा मझौलिया पश्चिम चंपारण ।
नाग पंचमी के अवसर पर मझौलिया प्रखंड के करमवा पंचायत स्थित पंचायत सरकार भवन परिसर में महावीरी अखाड़ा के तत्वावधान में भव्य महादंगल का आयोजन किया गया। दंगल को लेकर सुबह से ही ग्रामीणों में खासा उत्साह देखने को मिला। अखाड़े में दूर-दराज से पहुंचे पहलवानों ने अपने शानदार दांव-पेच से दर्शकों का खूब मनोरंजन किया। कार्यक्रम का शुभारंभ विधिवत भूमि पूजन के बाद किया गया। मेला अध्यक्ष ललन साह, मुखिया अरुणा देवी के पति मोहन गुप्ता, पूर्व सरपंच तिलकधारी प्रसाद एवं दशरथ प्रसाद कुशवाहा ने संयुक्त रूप से फीता काटकर दंगल का उद्घाटन किया। इसके बाद अखाड़े में पहलवानों के बीच मुकाबले शुरू हुए।

दंगल में नेपाल के अलावा महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, गुजरात और हरियाणा से पहुंचे पहलवानों ने अपनी कुश्ती कला का प्रदर्शन किया। एक के बाद एक रोमांचक मुकाबलों ने दर्शकों को काफी देर तक अखाड़े से बांधे रखा। अखाड़े के चारों ओर बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ जुटी रही और पहलवानों के हर दांव पर तालियों की गड़गड़ाहट सुनाई देती रही। सबसे चर्चित मुकाबला नकाबपोश पहलवान और रामदास पहलवान के बीच हुआ। दोनों पहलवानों ने एक-दूसरे को पछाड़ने के लिए जमकर जोर आजमाइश की। मुकाबला काफी देर तक रोमांचक बना रहा, लेकिन आखिरकार रामदास पहलवान ने बेहतरीन दांव लगाकर नकाबपोश पहलवान को पटखनी दे दी। इसी तरह जोगी पहलवान और जल्लाद सिंह के बीच हुए मुकाबले में जोगी पहलवान ने शानदार प्रदर्शन करते हुए जीत दर्ज की।

मेला अध्यक्ष ललन साह ने कहा कि राम-जानकी मंदिर परिसर में वर्षों से दंगल-कुश्ती की परंपरा चली आ रही है। इससे आसपास की करीब पांच पंचायतों के लोग जुड़ते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन ग्रामीण खेल प्रतिभाओं को मंच देने के साथ पारंपरिक संस्कृति को भी जीवंत रखते हैं।
मोहन गुप्ता ने कहा कि कुश्ती युवाओं में अनुशासन और खेल भावना विकसित करती है। पूर्व सरपंच तिलकधारी प्रसाद ने दंगल को ग्रामीण संस्कृति की पहचान बताया।

मौके पर एसआई महताब आलम, विकास कुमार, रिखी साह, भरत राम, अवधेश साह, अखिलेश प्रसाद, सूरज कुमार, मनोज प्रसाद, करण कुमार, धामु कुमार, रुस्तम खां, उपेंद्र कुमार, चंदन कुमार समेत अन्य मौजूद रहे।






