वाल्मीकि नगर से नंदलाल पटेल की रिपोर्ट
थाना क्षेत्र के भेड़िहारी गांव में किसान विजय हालदार के शिकार करने के बाद से बाघ का सोमवार तक कोई ठोस सुराग नहीं मिल सका है। हालांकि, भेड़िहारी एपीसी के समीप बाघ के पंजों के निशान मिलने के बाद ग्रामीणों में एक बार फिर दहशत फैल गयी है। खास बात यह है कि अब तक किसी ग्रामीण या वनकर्मी ने बाघ को प्रत्यक्ष रूप से नहीं देखा है।

बाघ की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए वन विभाग की टीम लगातार क्षेत्र में कैंप कर रही है। रेंजर सत्यम कुमार के नेतृत्व में वनकर्मी संभावित इलाकों में पगमार्क की तलाश और निगरानी कर रहे हैं। विभाग की टीम के पास बाघ को रेस्क्यू करने के लिए ट्रैंकुलाइजर समेत अन्य आवश्यक संसाधन उपलब्ध हैं। जहां-जहां बाघ के पगचिह्न मिलने की सूचना मिल रही है, वहां वनकर्मियों की टीम पहुंचकर जांच कर रही है।

ग्रामीणों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गयी है। वन विभाग की ओर से लगातार माइकिंग कर लोगों को अकेले खेतों या सुनसान इलाकों में नहीं जाने तथा सतर्क रहने की अपील की जा रही है।
घटनास्थल के पास लगाया गया पिंजरा
वन विभाग का मानना है कि बाघ एक स्थान पर शिकार करने के बाद दोबारा वहां लौट सकता है। इसी संभावना को देखते हुए घटनास्थल के समीप लोहे का पिंजरा लगाया गया है। बाघ को पकड़ने के लिए विभाग की टीम लगातार रणनीति के तहत निगरानी कर रही है। इधर, बाघ का सुराग नहीं मिलने से भेड़िहारी सहित आसपास के गांवों में भय का माहौल बना हुआ है।






