बाल्मीकि नगर से नन्दलाल पटेल की रिपोर्ट
वाल्मीकिनगर। दो दिवसीय प्रवास पर पहुंचीं प्रख्यात शायरा शाइस्ता परवीन के सम्मान में पंचायत भवन परिसर में एक भव्य सम्मान समारोह सह काव्य संवाद का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में साहित्य, समाजसेवा एवं विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े बड़ी संख्या में गणमान्य लोगों की उपस्थिति रही, जिससे आयोजन का माहौल साहित्यिक ऊर्जा और उत्साह से भर उठा। समारोह के दौरान शाइस्ता परवीन का पुष्पगुच्छ एवं अंगवस्त्र भेंट कर अभिनंदन किया गया। उपस्थित वक्ताओं ने अपने संबोधन में कहा कि साहित्य समाज को जोड़ने, सोच को परिष्कृत करने और नई पीढ़ी को सकारात्मक दिशा देने का एक सशक्त माध्यम है। वक्ताओं ने शाइस्ता परवीन की शायरी की विशेष सराहना करते हुए कहा कि उनकी रचनाएं सामाजिक सरोकार, संवेदनशीलता और मानवीय रिश्तों की गहराई को प्रभावशाली ढंग से अभिव्यक्त करती हैं।

कार्यक्रम में रामपुरवा के समाजसेवी सुमन सिंह, शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. आई.बी. कुमार, वाल्मीकिनगर पंचायत के मुखिया पन्नालाल शाह, सदरुल हसन, मोहम्मद सानी, प्रो. जावेद इकबाल सहित अनेक साहित्यप्रेमी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। बताते चलें कि शाइस्ता परवीन देश के प्रसिद्ध शायर शकील अहमद की पुत्री हैं। इस अवसर पर शकील अहमद ने कहा कि वाल्मीकिनगर जैसे क्षेत्र में साहित्यिक कार्यक्रमों का आयोजन होना पूरे इलाके के लिए गर्व की बात है। ऐसे आयोजन न केवल साहित्य को बढ़ावा देते हैं, बल्कि सामाजिक सौहार्द और भाईचारे को भी नई ऊर्जा प्रदान करते हैं।

कार्यक्रम के अंत में आयोजकों ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया और भविष्य में भी ऐसे साहित्यिक आयोजनों को निरंतर जारी रखने का संकल्प लिया।






