बाल्मीकि नगर से नन्दलाल पटेल की रिपोर्ट
पर्यटन नगरी वाल्मीकि नगर के बिसहा गांव में किंग कोबरा का रेस्क्यू करने के दौरान प्रसिद्ध स्नेक रेस्क्यूअर जानकी देवी को उसी सांप ने डंस लिया। घटना के बाद उन्हें तत्काल नेपाल के त्रिवेणी स्थित मिलिट्री कैंप में इलाज के लिए भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत फिलहाल खतरे से बाहर बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, बिसहा गांव निवासी मुनिलाल के घर में किंग कोबरा घुस आया था। सूचना मिलने पर जानकी देवी मौके पर पहुंचीं और सफलतापूर्वक सांप का रेस्क्यू कर लिया। स्थानीय लोगों के अनुसार, रेस्क्यू के बाद वह किंग कोबरा को गले में लपेटकर फोटो खिंचवा रही थीं। इसी दौरान सांप ने उनके हाथ में काट लिया। घटना के समय तक वाल्मीकि नगर वन क्षेत्र की प्रशिक्षित रेस्क्यू टीम भी मौके पर पहुंच चुकी थी। वनकर्मियों ने तुरंत किंग कोबरा को अपने कब्जे में लेकर सुरक्षित घने जंगल में छोड़ दिया।

वाल्मीकिनगर रेंजर सत्यम कुमार ने बताया कि बरसात और मौसम में बदलाव के दौरान जहरीले सांप अक्सर ठंडी या सुरक्षित जगह की तलाश में वीटीआर से सटे गांवों और रिहायशी इलाकों में पहुंच जाते हैं। ऐसे मामलों में लोग स्वयं सांप पकड़ने का प्रयास न करें, बल्कि तुरंत वन विभाग को सूचना दें। प्रशिक्षित टीम सुरक्षित तरीके से उनका रेस्क्यू करती है। किंग कोबरा दुनिया के सबसे विषैले सांपों में गिना जाता है। इसका न्यूरोटॉक्सिक विष बेहद घातक होता है, इसलिए इसके दंश की स्थिति में तुरंत चिकित्सकीय उपचार आवश्यक होता है। वाल्मीकिनगर की रहने वाली जानकी देवी, जिन्हें लोग ‘स्नेक लेडी’ के नाम से जानते हैं, अब तक हजारों जहरीले सांपों का सुरक्षित रेस्क्यू कर चुकी हैं। उन्होंने 12 वर्ष की उम्र से यह कार्य शुरू किया था। बताया जाता है कि इससे पहले भी उन्हें रेस्क्यू के दौरान 50 से अधिक बार सांप काट चुके हैं। इस बार भी उनकी स्थिति नियंत्रण में है और उपचार जारी है।






