खेत व ग्रामीण मजदूर सभा (खेग्रामस) के आह्वान पर मझौलिया प्रखंड मुख्यालय पर विभिन्न जनसमस्याओं को लेकर धरना-प्रदर्शन

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गरीबों का राशन कार्ड काटना बंद करो, बुलडोजर राज खत्म करो, भूमिहीनों को जमीन का स्थायी अधिकार दो –खेग्रामस

प्रदर्शन के बाद प्रखंड विकास पदाधिकारी के माध्यम से बिहार सरकार के नाम मांगपत्र सौंपा गया।

अनिल कुमार शर्मा मझौलिया पश्चिम चंपारण, बिहार

मझौलिया, 14 जुलाई 2026 खेत व ग्रामीण मजदूर सभा (खेग्रामस) के आह्वान पर मझौलिया प्रखंड मुख्यालय पर विभिन्न जनसमस्याओं को लेकर धरना-प्रदर्शन किया। धरना को संबोधित करते हुए भाकपा (माले) अंचल सचिव जवाहर प्रसाद ने कहा कि भाजपा-नीतीश सरकार गरीबों का राशन कार्ड काटकर उन्हें भूखमरी की ओर धकेल रही है। एक ओर गरीबों के घरों पर बुलडोजर चलाया जा रहा है, दूसरी ओर उन्हें सरकारी योजनाओं से भी वंचित किया जा रहा है। सरकार तत्काल कटे हुए सभी गरीब परिवारों का नाम राशन कार्ड में पुनः जोड़कर नियमित राशन देना सुनिश्चित करे।


खेग्रामस जिला नेता रिखी साह ने कहा कि बेतिया राज सहित पूरे जिले की सरकारी जमीन पर दशकों से बसे गरीब परिवारों को उजाड़ने के बजाय उनका स्थायी बंदोबस्त किया जाए। भरवलिया, चनायनबान और धोकरहां सहित कई गांवों में 50 वर्षों से रह रहे दलित-महादलित परिवारों को उनके घर और जोत की जमीन पर कानूनी अधिकार दिया जाए। गरीबों को बेदखल करने की हर कार्रवाई तत्काल बंद हो। युवा नेता अफाक अहमद ने कहा कि सरकार रोजगार देने में पूरी तरह विफल रही है। मनरेगा को प्रभावी ढंग से पुनः चालू किया जाए तथा मजदूरी बढ़ाकर 700 रुपये प्रतिदिन की जाए। अग्निपथ योजना युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। इसे तत्काल समाप्त कर दलित, पिछड़े एवं गरीब युवाओं को स्थायी सरकारी नौकरी की गारंटी दी जाए।


महादेव राम ने कहा कि गरीबों के घरों पर बुलडोजर चलाना अन्यायपूर्ण और अमानवीय है। सरकार गरीबों को उजाड़ने के बजाय उन्हें आवास और जमीन का कानूनी अधिकार दे। भूमिहीन परिवारों की जमीन और आवास की सुरक्षा सरकार की जिम्मेदारी है। महराज महतो ने कहा कि सरकार की जनविरोधी नीतियों के कारण गरीब, किसान, खेत मजदूर और बेरोजगार युवा लगातार संकट में हैं। यदि सरकार ने मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की तो भाकपा (माले) और खेग्रामस आंदोलन को और व्यापक करेंगे। धरना-प्रदर्शन के दौरान प्रमुख मांगें रखी गईं—


गरीबों का नाम राशन कार्ड से काटना बंद किया जाए तथा कटे हुए सभी गरीब परिवारों का नाम पुनः जोड़कर राशन दिया जाए।
बेतिया राज सहित पूरे जिले की सरकारी जमीन पर बसे गरीबों के नाम स्थायी बंदोबस्त किया जाए।
गरीबों के घरों पर बुलडोजर चलाने पर तत्काल रोक लगाई जाए। मनरेगा को पुनः चालू कर 700 रुपये दैनिक मजदूरी सुनिश्चित की जाए।
भरवलिया, चनायनबान एवं धोकरहां में 50 वर्षों से बसे दलित-महादलित परिवारों को उनके घर एवं जोत की जमीन पर स्थायी कानूनी अधिकार दिया जाए। अग्निपथ योजना समाप्त कर दलित, पिछड़े वर्ग एवं गरीब युवाओं के लिए स्थायी सरकारी नौकरी की गारंटी दी जाए। धरना के अंत में नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार इन मांगों पर शीघ्र सकारात्मक पहल नहीं करती है तो पूरे प्रखंड में चरणबद्ध जनआंदोलन चलाया जाएगा।
जवाहर प्रसाद

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